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टाउन हॉल का बढ़ा हजार गुना किराया गैरवाजिब, वापस लिया जाए, कलाएं कमाई का साधन नहीं

देश में बीकानेर का नाम करने वालों को तो सुविधा दो
 

अभिषेक आचार्य 
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RNE Special.
 

सम्मानीय अर्जुनराम जी मेघवाल,
सांसद, बीकानेर लोकसभा क्षेत्र

आप हमारे लगातर 4 बार के सांसद है और अभी देश की सरकार में डॉ भीमराव अंबेडकर ' बाबा साहब ' के बाद दूसरे कानून मंत्री है। आप बीकानेर की जनता के लाडले है, ये तो आपके लगातार 4 चुनाव जीतने से ही प्रमाणित है। आप ने देश की संसद में बीकानेर का गौरव बढ़ाया है, ऐतिहासिक काम कानून मंत्री के रूप में किये है।

हम बीकानेर के रंगकर्मी एक फरियाद के साथ आपको, हमारे लोकप्रिय सांसद को, हम कलाधर्मियो से स्नेह रखने वाले जन नेता को यह पत्र संकट में है, इस कारण लिख रहे है। इसे लिखने की एक खास वजह भी है। आपके दिवंगत आदरणीय पिता जी और आप भी भक्ति संगीत के गायक है। संगीत आपको विरासत में मिला है। इस कारण हम रंगकर्मी आपको अपने कला परिवार का ही हिस्सा मानते है।

धन्यवाद आपका पहले:
 

हमारे गौरव सांसद जी, सबसे पहले हम कलाकार आपको धन्यवाद देते है। हमारे अथक प्रयासों के बाद भी बीकानेर के रंगमंच टाउन हॉल की मरम्मत व उसमें सुधार पिछली सरकार, उस समय के सरकार के प्रतिनिधियों ने नहीं किया। फिर आपके दल की सरकार आई तो भी प्रशासनिक अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की।
आपने कलाकार होने के कारण रंगकर्मियों का दर्द समझा और तुरंत अपनी सांसद निधि से टाउन हॉल सुधार व विकास के लिए 15 लाख स्वीकृत किये। उसी से यह रंगमंच गरिमा व साख बनाये रखने में सफल रहा। आपने बीकानेर में होने वाले सभी नाट्य समारोहों को हर सम्भव मदद दिलाई, दिल से हम कलाकार अपने सांसद का आभार व्यक्त करते है।

अब हमारी आज की बात:

 

हम कलाकारों के दर्द को समझने वाले हमारे सांसद जी,
 

आपने अपनी सांसद निधि से जिस टाउन हॉल की दशा को सुधारा, उसी का किराया बीकानेर विकास प्राधिकरण ने आपकी जानकारी के बिना 1000 गुना बढ़ा दिया। इससे तो गतिविधियां ही बंद हो जाएगी। 

देश के संस्कृति मंत्री होते हुए आपने यहां के कला कर्म को जिस तरह की ऊंचाईयां दिलवाई थी, वो प्राधिकरण के इस निर्णय से धूमिल हो जायेगी। आप बीकानेर की साख बचाते रहे है, फिर उसे बचाने का समय आ गया है और कलाकारों की आशा आप हो। आप इस किराया वृद्धि को वापस लेने के लिए प्राधिकरण को आदेश फरमायें।

कलाएं कमाने का साधन नहीं होती
माननीय कानून मंत्री जी,

 

आपको संविधान का हमसे भी ज्यादा ज्ञान है। लोकतंत्र में शिक्षा व स्वास्थ्य के साथ संस्कृति भी कमाई का साधन नहीं। हमारी भारतीय संस्कृति में तो स्पष्ट कहा गया है कि बिना कला मनुष्य पशु के समान है। इस कारण कलाओं के लिए मुक्त हाथ से सरकारें मदद करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने संस्कृति की रक्षा व उन्नयन के लिए ही तो ' प्रसाद ' योजना आरम्भ की हुई है। आप खुद संस्कृति मंत्री रहे और उस रूप में आपने अनेक जरूरतमंद कलाकारों को अपार सहायता दी है। इस बार आपके अपने क्षेत्र के कलाकार आपसे मदद की आस कर रहे है, जो गैरवाजिब भी नहीं।

सम्मानीय, उम्मीद है एक कलाकार होने के नाते, लोकप्रिय सांसद होने के नाते, देश के कानून मंत्री होने के नाते, संवेदनशील जन नेता होने के नाते, आप बीकानेर के कलाकारों की भावना को समझें और टाउन हॉल की किराया वृद्धि वापस लेने के आदेश फरमायें।
 

हम है आपके अपने ही 
 

रंगकर्मी , साहित्यकार, गायक, संगीतकार, चित्रकार, आदि।

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