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लम्बर रेडिकुलर सिंड्रोम पर केंद्रित रहा शोध, टांटिया विश्वविद्यालय श्रीगंगानगर से प्राप्त की डॉक्टरेट की उपाधि

डॉ. मुकेश गोयल के निर्देशन में पूरा किया शोध, दर्द प्रबंधन और मरीजों के पुनर्वास में फिजियोथेरेपी की भूमिका का किया वैज्ञानिक अध्ययन
 

RNE Bikaner

बीकानेर। फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में बीकानेर के डॉ. अमित पुरोहित ने महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने टांटिया विश्वविद्यालय, श्रीगंगानगर से फिजियोथेरेपी विषय में पीएचडी पूर्ण की है। उनका शोध लम्बर रेडिकुलर सिंड्रोम (Lumbar Radicular Syndrome) पर केंद्रित रहा। यह ऐसी स्थिति है, जिसमें कमर के निचले हिस्से से निकलने वाली नसों के प्रभावित होने के कारण दर्द कमर से होते हुए पैर तक पहुंच सकता है। इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति को दर्द के साथ झनझनाहट, सुन्नपन, मांसपेशियों में कमजोरी और चलने-फिरने या दैनिक कार्य करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

डॉ. अमित पुरोहित का शोध कमर से पैर तक फैलने वाले नसों के दर्द से संबंधित समस्या को समझने तथा इसके उपचार और पुनर्वास से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाने में योगदान देगा।

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