उद्यमिता विकास पर भी दिया गया प्रशिक्षण
RNE Bikaner
बीकानेर,। एसकेआरएयू के कृषि महाविद्यालय में सात विभिन्न राज्यों से आए 80 प्रगतिशील किसानो तथा पशुपालकों ने "वैज्ञानिक भेड़ एवं बकरी पालन के माध्यम से उद्यमिता विकास” के तरीकों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भेड़ एवं बकरी पालन की वैज्ञानिक तकनीकों पर आधारित सैद्धांतिक व्याख्यानों के साथ-साथ प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। पशुपालकों की व्यावहारिक दक्षता , स्वरोजगार एवं उद्यमिता कौशल बढ़ाने के लिए संवाद व तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।

शुक्रवार को आयोजित समापन समारोह में पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. कुलदीप चौधरी ने राज्य सरकार द्वारा पशुपालकों के हित में संचालित विभिन्न पशुधन विकास योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पशुपालकों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. शंकर लाल ने बताया कि सात दिवसीय प्रशिक्षण में पशुओं की नस्ल पहचान, वैज्ञानिक प्रजनन, पोषण, आवास प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण तथा व्यावसायिक पशुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (CSWRI) के भेड़ फार्मों, राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (RAJUVAS) के सिरोही बकरी फार्म तथा पशुधन अनुसंधान केंद्र, बीछवाल का शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया।।
डॉ. सुनील कुमार ने पशुपालकों को पशुधन उत्पादों में मूल्य संवर्धन, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार तथा किसान उत्पादक संगठन (FPO) के गठन के माध्यम से सामूहिक रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से पशुपालक अपने उत्पादों के बेहतर विपणन, आय में वृद्धि तथा उद्यमिता विकास की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
डॉ. कुलदीप शिंदे ने आभार व्यक्त किया।प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।

