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Car Price Hike : मारुति के बाद इस कंपनी ने बढ़ाई कारों की कीमत, चार दिन में बढ़े रेट पर मिलेगी 

कच्चे के तेल की कीमतों का असर हर वस्तु पर दिखाई देने लगा है। जहां पर खाने की वस्तुएं महंगी हो रही है। वहीं यात्रा के साधन भी महंगे हो रहे है
 

कच्चे के तेल की कीमतों का असर हर वस्तु पर दिखाई देने लगा है। जहां पर खाने की वस्तुएं महंगी हो रही है। वहीं यात्रा के साधन भी महंगे हो रहे है। अगर आप कार खरीदने की सोच रहे है तो अगले चार दिनों में उनको खरीदना भी महंगा हो जाएगा।

पहले कारों की कीमत बढ़ाने का फैसला मारुति सुजुकी द्वारा लिया जा चुका है, लेकिन  इसी बीच में देश की प्रसिद्ध कंपनी हुंडई ने भी कारों के रेट बढ़ाने का फैसला लिया है। हुंडई की कारों की नई कीमतें 1 जून से लागू हो जाएंगी। जहां पर मारुति की तरफ से कारों की कीमतों में 30 हजार के करीब इजाफा किया है, वहीं हुंडई ने उसके मुकाबले कीमतों में कम वृद्धि की है।

हुंडई कंपनी की तरफ से विभिन्न मॉडलों और वेरिएंट्स की कीमतों में अधिकतम 12,800 रुपये तक का इजाफा किया जाएगा। ऐसे में जहां पर कार खरीदा महंगा होगा, वहीं उसके चलाने के लिए प्रयोग होने वाले पेट्रोल व डीजल भी महंगा खरीदना पड़ेगा। ऐसे में अब कार आम आदमी की पहुंच से बाहर होती नजर आ रही है। आपको बता दे की किन कारों की कीमत महंगी होगी। 

हुंडई कारों की कीमतों में इतनी होगी बढ़ोतरी 

कार विशेषज्ञों के अनुसार हुंडई की तरफ से कार की कीमतों के बारे में जानकारी जारी कर दी है। हुंडई की तरफ से एक जून से अपनी कार मॉडलों में 12,800 रुपये तक की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है।

कंपनी के अनुसार, बढ़ती इनपुट लागत, कच्चे माल की कीमतों में तेजी और ऑपरेशनल खर्च बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया है। कंपनी ने कहा है कि उसने ग्राहकों पर बोझ कम करने के लिए लागत घटाने की कई कोशिशे की, लेकिन बढ़ते खर्च के चलते कीमतों में मामूली बढ़ोतरी करना जरूरी हो गया है।

स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने कहा कि यह प्राइस हाइक पहले 8 अप्रैल को घोषित की गई थी, जिसे अब 1 जून 2026 से लागू किया जाएगा। हालांकि, कीमत में बढ़ोतरी सभी मॉडलों पर समान नहीं होगी। अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से कीमतें बढ़ेंगी

ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के मुताबिक, ऑटोमोबाइल कंपनियां इस समय कई तरह के लागत दबावों का सामना कर रही हैं। इसमें कच्चे माल की बढ़ती कीमतें, कमोडिटी कॉस्ट में तेजी, लॉजिस्टिक्स खर्च में बढ़ोतरी और ऑपरेशनल लागत का बढ़ना शामिल है। इसी वजह से कंपनियां अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने के लिए कीमतों में बदलाव कर रही हैं।

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