Bank New Rules : 1 अप्रैल से बदल रहे हैं बैंकों के नियम, एटीएम लिमिट होगी आधी, फेल ट्रांजेक्शन पर लगेगा 25 रु. चार्ज
बैंकिंग व्यवस्था में 1अप्रैल से बड़े बदलाव होने वाला है। इन बदलावें का सीधा असर बैंक उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। हालांकि महंगा होने के साथ सुरक्षा चक्र को भी बढ़ाया जा रहा है, क्योंकि अब केवल रुपये निकालने के लिए ओटीपी से ही काम नहीं चलेगा, बल्कि टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन की जरूरत पड़ेगी।
बैंकों के इस कदम से उनके खातों में राशि ज्यादा सुरक्षित रहने वाली है। हालांकि नए नियम उपभोक्ताओं की जेब से काफी भारी पड़ने वाले है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों की जानकारी न होना ग्राहकों की जेब पर भारी पड़ सकता है।
डिजिटल सुरक्षा सख्त
देशभर में काफी बैंक उपभोक्ता किसी ने किसी डिजिटल फ्रॉड का शिकार हो रहे है। ऐसे में बैंकों की तरफ से डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए कदम उठाए है। डिजिटल फ्रॉड को देखते हुए सुरक्षा स्तर बढ़ा दिए गए हैं। अब केवल ओटीपी पर्याप्त नहीं होगा।
ऐसे फ्रॉड को रोकने के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन किया जाएगा। अब लेनदेन के लिए ओटीपी के साथ पासवर्ड, एमपिन या बायोमेट्रिक (जैसे फिंगरप्रिंट) अनिवार्य किया गया है। इससे धोखाधड़ी के मामलों में काफी कमी आने वाली है।
एटीएम से रुपये निकालना होगा महंगा
बैंकों की तरफ से एक अप्रैल से एटीएम से निकाली जाने वाली राशि के रेट भी महंगे करने वाला है। बैंकों की तरफ से एटीएम से 5 निकासी फ्री में दी जाएगी। इसके बाद हर ट्रांजेक्शन पर 23 रुपए शुल्क लग सकता है। पर्याप्त पैसा न होने वाले फेल ट्रांजेक्शन पर 25 रु. चार्ज लगेगा। ऐसे में बैंक में राशि निकालने से पहले अपने बैलेंस को चेक करना जरूरी हो गया है।
यूपीआई-एटीएम विड्रॉल की लिमिट घटाई
यूपीआई एटीएम विड्रॉल को फ्री लिमिट में शामिल करने की तैयारी है। विड्रॉल लिमिट पंजाब नेशनल (पीएनबी) सहित कई बैंकों ने सुरक्षा कारणों से दैनिक निकासी की सीमा घटाई। साधारण कार्ड में 1 लाख से घटाकर 50,000 रुपए प्रतिदिन। प्रीमियम कार्ड में 1.5 लाख से घटाकर 75,000 रुपए प्रतिदिन कर दी गई है।

