गेहूं की बंपर पैदावार ही संभावना, कीमतों पर दबाव संभव
मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में गेहूं की अगेती बिजाई वाली फसल की कटाई-तैयारी आरंभ हो गई है और शुरुआती सकेतों से पता चलता है कि इसकी औसत उपज दर कुछ ऊंची रह सकती है। राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं का बिजाई क्षेत्र भी पिछले साल के 328.04 लाख हेक्टेयर से 6.13 लाख हेक्टेयर बढ़कर इस बार 334.17 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार 2024-25 के रबी सीजन में 1179.40 लाख टन गेहूं का रिकॉर्ड घरेलू उत्पादन हुआ था जबकि 2025-26 के मौजूदा सीजन में उत्पादन और भी बढ़कर 1202.10 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच सकता है। यदि वह अनुमान सही साबित होता है तो यह पहला अवसर होगा जब गेहूं का उत्पादन 12 करोड़ टन पर पहुंचेगा। देश के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास पहले से ही गेहूं का विशाल स्टॉक मौजूद है जबकि इस वर्ष 303 लाख टन की खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
12 हजार बोरी गेहूं की आवक छावनी मंडी में गेहूं की आवक बढ़कर 12 हजार श्रीरी बताई गई। नया गेहूं 2400 से 3000 रुपए क्विंटल बिका। मिल क्वालिटी गेहूं 2400 से 2425, लोकवन गेहूं 2650 से 2750, मालवराज 2500 से 2525, पूर्णा 2550 से 2600, मक्का 1600 रुपए क्विंटल बिकी।
देवास मंडीः गेहूं 2005 से 2949, सोयाबीन 2015 से 5805, सरसों 5400 से 5899, काबुली चना 3310 से 8110, चना देशी 3711 से 5400, मसूर 5680 से 6351, मक्का 1678, धनिया 8301 से 9901 रुपाए।

