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investment plan : टेंशन-फ्री रिटायरमेंट के लिए अपनाएं यह तरीके, 30 साल के लिए करें प्लानिंग

 

भारत में 60 की उम्र में रिटायर होने का सपना उस वक्त की सोच पर टिका था, जब औसतन इंसान की उम्र 70-72 साल थी। लेकिन अब लोग पहले से ज्यादा लंबे और सेहतमंद जीवन जी रहे हैं, अक्सर 80 से 90 साल तक। फिर भी ज्यादातर रिटायरमेंट प्लान यह मानकर बनाए जाते हैं कि इंसान रिटायरमेंट के बाद केवल 15-20 साल ही जिएगा।

जबकि हकीकत यह है कि लोग 60 की उम्र में रिटायर होकर 90 साल तक जी सकते हैं। यानी कम से कम 30 साल का रिटायरमेंट जीवन हो सकता है। ज्यादातर रिटायरमेंट प्लान 75 से 80 साल की औसत उम्र के आधार पर बनाए जाते हैं। अगर आप सेहतमंद है और आर्थिक रूप से मजबूत हैं, तो 50% संभावना है कि आप इससे ज्यादा जिएंगे। असली समस्या जल्दी मौत नहीं, बल्कि लंबी उम्र जीने पर पैसों की कमी होना है।

कैसे करें प्लानिंग

अब पारंपरिक तरीकों से काम नहीं चलेगा। जैसे कि सास पैसा फिक्स्ड इनकम स्कीमों, सरकारी बॉन्ड या एन्यूटी में लगाना, केवल ईपीएफ या पेंशन पर निर्भर रहना या पूरा रिटायरमेंट फंड निकाल फिक्स्ड डिपॉजिट में डाल देना। ये उपाय बढ़ती महंगाई और लंबी उस के हिसाब से काफी नहीं हैं। इसलिए ऐसा रिटायरमेंट प्लान तैयार करें जो सुरक्षा भी दे. पूंजी को बढ़ाए और नियमित आय दे।

शॉर्ट टर्म जरूरतें 0 से 5 साल तक का खर्च

रिटायरमेंट के बाद पहले पांच साल के भीतर जो खर्च होंगे (जैसे राशन, बिजली-पानी, किराया, ईएमआइ, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम, कोई इमरजेंसी) उन्हें शॉर्ट टर्म बकेट में डालें। इस पैसे की जरूरत तुरंत पड़ने वाली होती है, इसलिए इसमें सुरक्षा और पैसे की तुरंत उपलब्धता सबसे अहम है। इसलिए इस पैसे को ऐसे विकल्पों में लगाना बेहतर है जिन्हें कभी भी निकाला जा सके।

मध्यम अवधि रिटायरमेंट के 5 से 15 साल

इस बकेट में थोड़ा बहुत ग्रोथ का नजरिया रखा जा सकता है, लेकिन जोखिम से भी पूरी तरह बचाव जरूरी होता है। यानी पैसा धीरे-धीरे बढ़ता भी रहे और जरूरत पड़ने पर आसानी से उपलब्ध भी हो। इस बकेट के लिए आप कुछ ऐसे निवेश विकल्प चुन सकते हैं जो संतुलित हों।

लंबी अवधि 15 साल से अधिक के लिए

तीसरा बकेट रिटायरमेंट के 15 साल बाद की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया जाता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि रिटायरमेंट के दौरान पैसे की कमी न हो। चूंकि इस फंड की जरूरत अगले 10-15 साल तक नहीं पड़ेगी, इसलिए इसे उन विकल्पों में लगाया जा सकता है जो लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न देते हैं।
 

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