Movie prime

New Income Tax Act : भत्तों में राहत से ओल्ड टैक्स रेजीम को संजीवनी, 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा टैक्स का यह नियम

नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 एक अप्रेल 2026 से लागू हो जाएगा। नए टैक्स कानून से एक बात साफ हो गई है कि पुरानी टैक्स व्यवस्था फिलहाल खत्म होने वाली नहीं है
 

 नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 एक अप्रेल 2026 से लागू हो जाएगा। नए टैक्स कानून से एक बात साफ हो गई है कि पुरानी टैक्स व्यवस्था फिलहाल खत्म होने वाली नहीं है। नया कानून टैक्स प्रणाली को सरल बनाने के इरादे से लाया गया है, लेकिन हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) और भत्तों में संशोधन सहित इसके कई ऐसे प्रावधान हैं जो 2026-27 से पुरानी कर व्यवस्था को ज्यादा आकर्षक बना देंगे।

एचआरए राहत का दायरा बढ़ा

ड्राफ्ट नियमों का एक बड़ा प्रस्ताव हाउस रेंट अलाउंस (एचएआरए) से जुड़ा है। फिलहाल 50% एचआरए छूट केवल चार महानगरों मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई को मिलती है। नए मसौदे में बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी इस सूची में शामिल करने का प्रस्ताव है। अन्य शहरों के लिए छूट की सीमा पहले की तरह 40% ही रहेगी।

महंगाई के हिसाब से भत्तों में संशोधन

ड्राफ्ट नियमों में उन भत्तों को भी संशोधित किया गया है जिनमें दशकों से कोई बदलाव नहीं हुआ था।
1 बच्चों की शिक्षा भत्ता 100 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 3,000 प्रति माह प्रति बच्चा (अधिकतम दो बच्चे) करने का प्रस्ताव है।
2 हॉस्टल खर्च भत्ता 300 बढ़ाकर 9,000 प्रति माह प्रति बच्चा किया जाएगा।

दिव्यांगों को राहत

दृष्टिहीन, बधिर या निचले अंगों की दिव्यांगता से ग्रस्त कर्मचारियों को मिलने वाले परिवहन भत्ते में भी बड़ा इजाफा प्रस्तावित है।
मेट्रो शहरों में ₹15,000+ महंगाई भत्ता (डीए) अन्य शहरों में ₹8,000+डीए होगा, जो पुराने नियमों में ₹3.200 प्रति माह था।

असरः इन बदलावों से वे छूट और कटौतियां फिर से असरदार बन जाएंगी, जो महंगाई के कारण लगभग बेकार हो चुकी थीं। इसका फायदा उन करदाताओं को मिलेगा जो शिक्षा, पारिवारिक खचर्चों पर निर्भर छूट का इस्तेमाल करते हैं। इससे ओल्ड टैक्स रेजीम फिर से आकर्षक होगा।

फिलहाल पुराना फॉर्म ही

वित्त वर्ष 2025-26 का इनकम टैक्स रिटर्न (आइटीआर) भरने वाले करदाता मौजूदा आइटीआर फॉर्म का उपयोग जारी रखेंगे, भले ही संशोधित ट्रांजेक्शनल फॉर्म और नियम जल्ज अधिसूचित किए जाने की संभावना है। यह जानकारी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के सूत्रों ने दी है।

FROM AROUND THE WEB