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PPF से मिल सकता है सस्ता लोन, जाने पूरा तरीका और ब्याज दर

पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF जहां आपकी सेविंग का सबसे बड़ा माध्यम है
 

PPF Loan: पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF जहां आपकी सेविंग का सबसे बड़ा माध्यम है। हालांकि काफी लोग पीपीएफ को टैक्स बचाने का तरीका या बुढ़ापे के समय के लिए रुपये जोड़ने का तरीका मानते है, लेकिन पीपीएफ से जहां पर आपके राशि को जमा करवाने के काम आता है, वहीं पीपीएफ सस्ता लोन दिलाने का माध्यम भी है। जब अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है और पर्सनल लोन महंगा लगता है, तब PPF से लोन लेना एक स्मार्ट ऑप्शन बन जाता है। चलिए समझते हैं कि इसमें आप अपने ही जमा पैसे का फायदा कैसे उठा सकते हैं।

PPF लोन क्या होता है और इसे कैसे लिया जा सकता है 

PPF के माध्यम से लोग लोन की सुविधा भी प्राप्त कर सकते है। पीपीएफ पर लोन एक ऐसी सुविधा है जहां आप अपने ही जमा किए गए फंड को गारंटी के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। यह उन लोगों के लिए वरदान है जिन्हें कम समय के लिए फंड चाहिए और जिनका खाता अभी इतना पुराना नहीं हुआ है कि वे उससे सीधे पैसे निकाल सकें।

चूंकि पीपीएफ 15 साल की लंबी लॉक-इन अवधि के साथ आता है, इसलिए सरकार ने शुरुआती सालों में खाताधारकों की जरूरतों को देखते हुए यह लोन सुविधा दी है। इसके लिए आपको किसी भारी-भरकम कागजी कार्रवाई या हाई सिबिल स्कोर की जरूरत नहीं पड़ती।

किसे और कब मिल सकता है यह लोन?

हर कोई और कभी भी पीपीएफ से लोन नहीं ले सकता। इसके लिए एक खास 'टाइम विंडो' तय की गई है:

समय की सीमा: आप खाता खोलने के तीसरे साल (3rd Year) से लेकर छठे साल (6th Year) के अंत तक ही लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

एक्टिव अकाउंट: आपका खाता चालू होना चाहिए। यानी आपने हर साल कम से कम ₹500 जमा किए हों। उदाहरण के लिए अगर आपने 2023 में खाता खोला है, तो आप 2025-26 के दौरान लोन के हकदार बन जाते हैं। 7वें साल से आप सीधे पैसे निकालने के पात्र हो जाते हैं, तब लोन की सुविधा बंद हो जाती है।

कितना पैसा मिलेगा समझिए कैलकुलेशन

आप अपने खाते का सारा पैसा लोन में नहीं ले सकते। सरकार ने इसकी एक लिमिट तय की है।आप जिस साल लोन मांग रहे हैं, उससे पिछले दो साल के अंत में जो बैलेंस था, उसका अधिकतम 25% ही आपको मिलेगा। मान लीजिए आज साल 2026 है। अब से ठीक दो साल पहले यानी 31 मार्च 2024 को आपके पीपीएफ खाते में ₹1 लाख थे। तो आपको इसका 25% यानी ₹25,000 तक का लोन आसानी से मिल जाएगा।

ब्याज दरें और चुकाने का तरीका

पीपीएफ लोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मामूली ब्याज दर है। 
सिर्फ 1% का अतिरिक्त बोझ: आपको लोन पर उतना ही ब्याज देना होता है, जितना पीपीएफ पर मिल रहा है + 1% एक्स्ट्रा। अगर पीपीएफ पर 7.1% ब्याज मिल रहा है, तो लोन का प्रभावी रेट सिर्फ 1% (अतिरिक्त) ही पड़ेगा।
पेनल्टी से बचें: आपको यह लोन 36 महीनों (3 साल) के भीतर चुकाना होता है। अगर आप देरी करते हैं, तो ब्याज दर 1% से बढ़कर सीधे 6% हो जाएगी।
चुकाने का नियम: पहले आपको मूलधन चुकाना होता है, उसके बाद आखिरी की दो किस्तों में ब्याज की राशि देनी होती है।

कैसे करें अप्लाई?
बैंकों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, बस इन स्टेप्स को फॉलो करें:
फॉर्म डी (Form D): अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस से यह फॉर्म लें।
डिटेल्स: अपना अकाउंट नंबर और जरूरी राशि भरें।
पासबुक: अपनी ओरिजिनल पीपीएफ पासबुक साथ ले जाएं।
सबमिशन: अपनी होम ब्रांच में फॉर्म जमा करें। वेरिफिकेशन के बाद पैसा सीधे आपके बचत खाते में आ जाएगा।

फायदे और नुकसान फायदे:
कुछ भी गिरवी रखने की जरूरत नहीं।
पर्सनल लोन के मुकाबले बहुत सस्ता (सिर्फ 1% एक्स्ट्रा)।
क्रेडिट स्कोर का कोई झंझट नहीं।

नुकसान:

जितनी राशि का लोन लेंगे, उस पर आपको मिलने वाला सालाना ब्याज बंद हो जाएगा। चुकाने के लिए सिर्फ 3 साल का समय मिलता है।
जब तक पहला लोन नहीं चुक जाता, आप दूसरा लोन नहीं ले सकते।
पीपीएफ पर लोन उन लोगों के लिए एक बेहतरीन वित्तीय औजार है जो छोटी अवधि की नकदी समस्या से जूझ रहे हैं। यह आपको ऊंचे ब्याज वाले कर्जों के जाल से बचाता है और आपके निवेश को भी सुरक्षित रखता है। हालांकि, इसे तभी लें जब आप 36 महीनों में चुकाने के प्रति आश्वस्त हों, ताकि आपका रिटायरमेंट फंड प्रभावित न हो।

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