संविदाकर्मियों को भर्ती में वरीयता मिलेगी, नई भर्तियों में प्राथमिकता देने के ठोस प्रयास
RNE Network.
अधिकतर सरकारी विभागों में संविदाकर्मियों का बोलबाला है। ये संविदाकर्मी नियमतिकरण की लगातार मांग कर रहे है। वेतन बढ़ोतरी के लिए भी सरकार से गुहार लगा रहे है। राज्य के संविदाकर्मियों के लिए खुश खबर आई है।
कल विधानसभा में संविदाकर्मियों के भविष्य को लेकर चर्चा हुई। स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कांग्रेस विधायक डॉ शिखा मील बराला के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार की मंशा साफ है। इन कार्मिकों को लेकर वो गम्भीर है।
मंत्री खर्रा ने कहा कि सरकार संविदाकर्मियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और नई भर्तियों में उन्हें प्राथमिकता देने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने सदन को आश्वश्त किया कि राज्य सरकार जब भी नई भर्तियां निकालेगी, उनमें पहले से कार्यरत संविदाकर्मियों के अनुभव को तरजीह मिलेगी।
उनका कहना था कि सरकार का लक्ष्य है कि अनुभवी संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर समायोजित करने के लिए नियमों में आवश्यक शिथिलता या बोनस अंकों जैसे प्रावधानों पर विचार किया जायेगा।
नई व्यवस्थाएं ::
- सरकार ने संविदाकर्मियों के लिए कई नई व्यवस्थाओं की जानकारी विधानसभा को दी है।
- इस घोषणा से नगर निगमों, नगर परिषदों और अन्य विभागों में प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिये लगे कार्मिकों को स्थायी होने की उम्मीद जगी है।
- संविदाकर्मियों के शोषण को रोकने के लिए सरकार ने नई भुगतान व्यवस्था लागू की है। अब प्लेसमेंट एजेंसियां कर्मियों का हक़ नहीं मार पायेगी।
- प्लेसमेंट एजेंसियों को अब हर महीनें संविदाकर्मियों का पीएफ व ईएसआई जमा कराना होगा।
- दूसरे महीनें का बिल तभी पास होगा जब एजेंसी पहले महीनें की पीएफ / ईएसआई जमा होने की आधिकारिक रसीद ( चालान ) प्रस्तुत करेगी।
- यदि एजेंसी चालान नहीं देती है तो उसका भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिया जायेगा।

