Operation SINDOOR की बरसी के एक दिन पहले पंजाब में धमाके, पाक पर शक
May 6, 2026, 16:48 IST
RNE Amritsar-New Delhi.
पंजाब में मंगलवार रात सुरक्षा प्रतिष्ठानों के पास हुए दो सिलसिलेवार धमाकों ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। जालंधर में बीएसएफ मुख्यालय के बाहर और अमृतसर के खासा में सैन्य कैंप के पास हुए इन विस्फोटों के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) सहित कई एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है।

पहला धमाका रात करीब 8 बजे जालंधर के बीएसएफ चौक पर हुआ, जहां पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर एक स्कूटर में विस्फोट जैसी घटना हुई। इसमें एक स्कूटर, ट्रैफिक सिग्नल का खंभा और पास की दुकान के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। जालंधर पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर रंधावा ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है और सभी एंगल खंगाले जा रहे हैं।
दूसरा धमाका रात करीब 11:15 बजे अमृतसर के खासा स्थित सैन्य प्रतिष्ठान के पास हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और क्षेत्र को घेर लिया गया। अमृतसर (ग्रामीण) के एसएसपी सोहेल कासिम मीर ने बताया कि तेज धमाके की सूचना पर टीमें तुरंत रवाना की गईं। दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने अमृतसर में घटनास्थल का दौरा कर बताया कि प्रारंभिक जांच में आईईडी के इस्तेमाल की आशंका है। फोरेंसिक टीमों ने दोनों स्थानों से सैंपल एकत्र किए हैं, जबकि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
इन घटनाओं के बाद पूरे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सैन्य ठिकानों, पैरामिलिट्री कैंपों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है तथा चेकिंग अभियान तेज कर दिए गए हैं।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या दोनों धमाकों के बीच कोई संबंध है और क्या यह किसी बड़े नेटवर्क या साजिश का हिस्सा हो सकता है। हाल ही में पटियाला में फ्रेट कॉरिडोर पर हुए आईईडी विस्फोट और उससे जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
ऑपरेशन SINDOOR की बरसी से जुड़ाव?
प्रारंभिक जांच में IED के इस्तेमाल की आशंका ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अगर इसकी पुष्टि होती है, तो यह स्पष्ट संकेत होगा कि हमलावरों के पास तकनीकी और लॉजिस्टिक तैयारी मौजूद थी।
इन धमाकों का समय भी बेहद अहम माना जा रहा है। “ऑपरेशन सिंदूर” की बरसी से ठीक पहले हुई ये घटनाएं महज संयोग हैं या किसी प्रतीकात्मक संदेश का हिस्सा, यह एजेंसियों के लिए बड़ा सवाल है।

