Paper Leak Rajasthan : बीकानेर के दिनेश चौहान की हिस्ट्रीशीट खुली; SI, महिला सुपरवाइजर और LDC भर्ती के मामलों में नाम
Rudra News Express Bikaner.
प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपरलीक से जुड़े मामलों में आरोपी दिनेश सिंह चौहान को बीकानेर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर घोषित किया है। जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देश पर बार-बार अपराध करने एवं आमजन में भय कारित करने वाले अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने की कार्रवाई के तहत मुक्ताप्रसाद नगर थाना पुलिस ने दिनेश सिंह चौहान की हिस्ट्रीशीट खोली है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक दिनेश चौहान पर बीकानेर के परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र बाहर पहुंचाने, SI भर्ती-2021 में 15 लाख रुपए का सौदा करने, लीक पेपर से तीन अभ्यर्थियों का हाईकोर्ट में चयन होने जैसे आरोप है। खासतौर पर राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 (SI), महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा-2018 और लिपिक ग्रेड-II संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2018। इन मामलों में जांच एजेंसियों ने प्रश्नपत्र लीक, ब्लूटूथ के जरिए नकल और पेपर को अभ्यर्थियों तक पहुंचाने के नेटवर्क की जांच की है।
SI भर्ती-2021 में स्कूल से निकला था पेपर :
दिनेश चौहान से जुड़ा सबसे चर्चित मामला राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा-2021 का है। राजस्थान हाईकोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार 13 सितंबर 2021 को बीकानेर के श्री रामसहाय आदर्श सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा केंद्र था और दिनेश सिंह चौहान उस स्कूल के निदेशक/मालिक थे। SIT की जांच का हवाला देते हुए हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में कहा गया है कि परीक्षा के पहले दिन हिंदी और सामान्य ज्ञान—दोनों प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले सीलबंद लिफाफे से बाहर निकाले गए। रिकॉर्ड के अनुसार दिनेश चौहान ने राजू मैट्रिक्स को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया, जिसकी मोबाइल से तस्वीरें खींचकर आगे भेजी गईं। जांच में पेपर लीक के लिए 15 लाख रुपए के सौदे का भी उल्लेख है।
इस लीक का नेटवर्क बीकानेर से बाहर पाली तक पहुंचने की बात भी सामने आई। जांच के अनुसार लीक प्रश्नपत्र WhatsApp के जरिए आगे भेजा गया और उसे हल कर अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया। पुलिस रिकॉर्ड में Bluetooth उपकरणों के जरिए परीक्षा के दौरान उत्तर पहुंचाने की बात भी सामने आई।
लीक पेपर से तीन अभ्यर्थियों का चयन :
SI भर्ती मामले में हाईकोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार बीकानेर में हुए पेपर लीक से तीन अभ्यर्थी अंकिता गोदारा, मनीषा सियाग और प्रभा बिश्नोई SI पद पर चयनित हुए। जांच रिकॉर्ड में कुछ अन्य अभ्यर्थियों के भी लीक प्रश्नपत्र के आधार पर लिखित परीक्षा पास करने का उल्लेख है। इसी मामले में SOG ने जून 2024 में दिनेश सिंह चौहान को गिरफ्तार किया था। SOG के अनुसार वह उसी स्कूल का संचालक था जहां SI भर्ती-2021 की परीक्षा आयोजित हुई थी।
महिला सुपरवाइजर भर्ती-2018 में भी नाम :
महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा-2018 के पेपर लीक मामले में भी दिनेश चौहान की भूमिका जांच में सामने आई। SOG के अनुसार 6 जनवरी 2019 को आयोजित परीक्षा का प्रश्नपत्र बीकानेर के श्री रामसहाय आदर्श सेकेंडरी स्कूल से लीक हुआ था। जांच में तुलछाराम कालेर, पौरव कालेर, राजू मैट्रिक्स और दिनेश सिंह चौहान के नाम सामने आए। लीक प्रश्नपत्र को हल कर Bluetooth के जरिए परीक्षा केंद्र में बैठे अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाने की बात जांच में सामने आई है। हाल की SOG कार्रवाई में इस मामले में एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ जांच फिर चर्चा में आई। पुलिस के अनुसार इस प्रकरण में अब तक सात गिरोह सदस्यों और छह महिला अभ्यर्थियों सहित 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
LDC भर्ती-2018 में भी भूमिका की जांच :
लिपिक ग्रेड-II संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2018 से जुड़े मामले में भी SOG की जांच में दिनेश सिंह चौहान का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार इस मामले में पेपर को नरेश दान से हल करवाने और फिर पौरव कालेर के जरिए Bluetooth डिवाइस से अभ्यर्थी तक उत्तर पहुंचाने का नेटवर्क सामने आया। इसी मामले में चयनित अभ्यर्थी सरोज बिश्नोई के खिलाफ कार्रवाई का विवरण SOG से संबंधित रिपोर्ट में दिया गया है।

