Sambhal : डॉग स्क्वाड की गोल्ड मेडलिस्ट सदस्य मैरी ने 6 साल की मासूम से दरिंदगी का राज खोला
RNE National Desk.
उत्तर प्रदेश (UP) के संभल में 6 साल की मासूम से दरिंदगी के मामले में जब तमाम प्रयासों के बाद पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा तो "मैरी" को मैदान में लाया गया। मैरी कुछ ही देर में पुलिस को दरिंदे के घर तक ले गई और मामले का पर्दाफाश हो गया। यहां बताते चलें कि मैरी एक डॉग है जो डॉग स्क्वाड की गोल्ड मेडलिस्ट सदस्य है।

जानिए क्या है मामला :
दरअसल Sambhal जिले के बबराला में 6 साल की मासूम के साथ हुई दरिंदगी ने सभी को झकझोर दिया था। 18 जून की शाम घर के बाहर खेलते बच्ची कुछ दूरी पर चली गई। इसी दौरान अज्ञात दरिंदे ने उसके साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम तत्काल मौके पर पहुंची। घटनास्थल से एक गमछा बरामद हुआ, जिसे जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, स्थानीय स्तर पर पूछताछ की और अन्य तकनीकी संसाधनों का भी सहारा लिया, लेकिन कोई ठोस सफलता नहीं मिली।

याद आई मैरी, खुलासा किया, इनाम मिला :
अज्ञात आरोपी तक पहुंचना पुलिस के लिये बड़ी चुनौती बन गई। तमाम प्रयासों के बावजूद जब कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा, तब पुलिस की उम्मीदों का केंद्र बनी डॉग स्क्वाड की गोल्ड मेडलिस्ट सदस्य मैरी। अपनी असाधारण सूंघने की क्षमता के दम पर मैरी ने ऐसा सुराग पकड़ा कि पुलिस सीधे आरोपी के दरवाजे तक पहुंच गई और आखिरकार मामले का पर्दाफाश हो गया। मैरी ने घटनास्थल से बरामद गमछे को सूंघा। इसके बाद बिना रुके कई रास्तों से गुजरती हुई सीधे ग्राम पंवारी निवासी संदीप के घर पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने लगातार दबिश दी और सोमवार को चेकिंग के दौरान मुठभेड़ के बाद आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर लिया। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने डॉग स्क्वाड की सदस्य मैरी को 10 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया।
कौन है मैरी :
साल 2019 से संभल पुलिस में सेवाएं दे रही मैरी अपने बैच की गोल्ड मेडलिस्ट है और इससे पहले भी हत्या व चोरी जैसी कई संगीन वारदातों के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी है। इस बार भी एक मासूम को इंसाफ दिलाने की राह में मैरी ही वह खामोश योद्धा साबित हुई, जिसकी सूंघने की ताकत ने दरिंदगी के आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

