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3 दिन भारत से नेपाल आना-जाना बंद, सीमा सील, जानिए क्यों

Nepal Election :  नेपाल में 5 मार्च को आम चुनाव, भारत-नेपाल सीमा 72 घंटे पहले होगी सील
 

नई सरकार तय करेगी भारत-चीन संतुलन, 1.90 करोड़ मतदाता करेंगे फैसला

RNE Kathmandu-New Delhi. 

नेपाल चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि नेपाल की ओर भारत-नेपाल सीमा पर 72 घंटे के लिए आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। दरअसल  नेपाल में पांच मार्च को आम चुनाव होने वाले हैं। नेपाल सशस्त्र बल और पुलिस के साथ ही सीमा की सुरक्षा में लगी एसएसबी और सीमावर्ती थानों की पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। नेपाल चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि नेपाल की ओर भारत-नेपाल सीमा पर 72 घंटे के लिए आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। 

दो मार्च की रात से सीमा सील कर दी जाएगी और पांच की रात तक आदेश प्रभावी रहेगा। आयोग ने अंतिम चुनाव परिणाम घोषित होने तक पूरे देश में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया है। 

इसके अलावा, चार मार्च की मध्यरात्रि से पांच मार्च को मतदान समाप्त होने तक सार्वजनिक और निजी वाहनों के संचालन पर भी रोक रहेगी। प्रतिनिधि सभा चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 

आयोग के संयुक्त सचिव नारायण प्रसाद भट्टराई ने जानकारी दी कि मतपत्र, मतपेटियां और अन्य चुनावी सामग्री सभी सत्तर (77) जिलों में पहुंचा दी गई है। चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारी और सुरक्षा बल अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो चुके हैं। मतदान केंद्र स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों और वार्ड कार्यालयों में स्थापित किए जाएंगे। 

1.90 करोड़ मतदाता, 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा, 165 सीटों पर मतदान

पिछले वर्ष सितंबर में युवाओं की हिंसक ‘जेन-जी’ क्रांति से सत्ता परिवर्तन के बाद अब Nepal में 5 मार्च को पहला राष्ट्रीय चुनाव होने जा रहा है। करीब 3 करोड़ आबादी वाले देश में 1.90 करोड़ मतदाता नई सरकार के गठन के लिए वोट डालेंगे।

275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 165 सीटों पर प्रत्यक्ष मतदान होगा, जबकि 110 सीटें दलों को उनके वोट प्रतिशत के आधार पर आवंटित की जाएंगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस बार का चुनाव नेपाल की आंतरिक राजनीति ही नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया की कूटनीतिक दिशा भी तय करेगा।

KP Sharma Oli बनाम Balen Shah मुकाबला

चुनाव का मुख्य मुकाबला पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और काठमांडू के पूर्व मेयर बालेंद्र शाह के बीच माना जा रहा है। ओली की कम्युनिस्ट सरकार को युवाओं के उग्र आंदोलन के बाद सत्ता से हटना पड़ा था। करीब 10 लाख नए मतदाता इस बार पहली बार मतदान करेंगे, जिनमें अधिकांश युवा हैं। ऐसे में यह चुनाव ‘युवा आकांक्षाओं’ और ‘स्थापित राजनीतिक ढांचे’ के बीच टकराव के रूप में देखा जा रहा है।

भारत-चीन संतुलन पर चुनाव का असर

भारत और नेपाल के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक स्तर तक गहरे हैं। खुली सीमा और ‘बेटी-रोटी’ का रिश्ता दोनों देशों को जोड़ता है। विश्व बैंक के अनुमानों के अनुसार नेपाल का 63% आयात भारत से होता है, जबकि लगभग 13% आयात चीन से। ऐसे में नई सरकार का झुकाव किस ओर होगा, यह नई दिल्ली और बीजिंग दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। कई सर्वे बता रहे हैं कि किसी एक दल को बहुमत मिलना मुश्किल है। ऐसे में गठबंधन सरकार बन सकती है।

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