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New Rail Line : हरियाणा की इस नई रेल लाइन पर सेना का एतराज, लाइन पूरी होने से पहले हुआ विवाद 

हरियाणा में हिमाचल तक बिछाई जा रही नई रेल लाइन पर सेना ने एतराज जता दिया है।
 

हरियाणा में हिमाचल तक बिछाई जा रही नई रेल लाइन पर सेना ने एतराज जता दिया है। जहां पर सेना ने इस रेलवे लाइन को बिछाने के बाद उनके उपकरण खराब होने की आशंका जताई है। ऐसे में रेलवे का यह प्रोजेक्ट पूरा होने से पहले ही विवादों में आ गया है। चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन प्रोजेक्ट पूरा होने से पहले विवाद हो गया। 1540 करोड़ रुपये की लागत से रेल लाइन बिछाई जा रही है, जिसमें पानी निकासी को लेकर सेना ने एतराज जता दिया है। पानी निकासी न होने पर सेना के उपकरणों और बुनियादी ढांचे को खतरा पैदा हो रहा है।

सेना अधिकारियों ने अंबाला रेल मंडल के अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी है। रेलवे के कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट इस प्रोजेक्ट को पूरा कर रहा है। यहां तक चर्चाएं हैं कि जो ड्राइंग प्रोजेक्ट में पानी निकासी को लेकर थी, उसके विपरीत कर दिया गया है। इससे एक ओर जहां रेलवे के प्रोजेक्ट की लागत बढ़ने की बात सामने आ रही है, वहीं पानी निकासी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि सेना के एतराज और नक्शे में बदलाव की चर्चाएं जमीनी स्तर पर कितनी सही हैं। रेलवे को सेना की आपत्ति के बाद पानी निकासी के इंतजामों को दुरुस्त करना ही होगा, क्योंकि मामला सेना के बुनियादी ढांचे और उपकरणों से जुड़ा है।

इस तरह का है प्रोजेक्ट 

चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 1540 करोड़ रुपये की है। यह परियोजना केंद्र सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच 50-50 लागत साझा माडल पर तैयार की गई है। यानी दोनों पक्षों को 770-770 करोड़ खर्च करने होंगे। प्रोजेक्ट 33 किलोमीटर लंबी नई ब्राडगेज लाइन का है। यह रेल लाइन हिमाचल के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ को सीधे चंडीगढ़ से जोड़ेगी। यह क्षेत्र दवा, एफएमसीजी और अन्य उत्पादन इकाइयों का है, जिससे माल ढुलाई काफी होती है। माल ढुलाई का जहां रेलवे को फायदा होगा, वहीं इन इकाइयों में काम करने वालों को भी यात्रा का साधन उपलब्ध होगा।

सेना की शिकायत जानकारी में नहीं 

सीपीएम चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अजय वाष्र्णेय ने पानी निकासी को लेकर सेना की आपत्ति पर कहा कि यह मेरी जानकारी में नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बारे में सीपीआरओ से ही बातचीत कर लीजिए।

प्रोजेक्ट चंडी मंदिर मिलिट्री स्टेशन से होकर गुजर रहा, सेना ने समस्या का समाधान भी दिया

यह प्रोजेक्ट चंडी मंदिर मिलिट्री स्टेशन से होकर गुजर रहा है। मौजूदा समय की बात करें तो चंडी मंदिर रेलवे यार्ड का री-माडलिंग कार्य रेलवे द्वारा किया जा रहा है। पुराने रेलवे ट्रैक के नीचे पहले से पांच कलवर्ट (ड्रेनेज यूटिलिटी) हैं जबकि इतने ही कलवर्ट री-माडल किए गए रेलवे ट्रैक के नीचे बनाए गए है। रेलवे के एक द्वार पर नया रेल अंडर ब्रिज भी निर्मित किया गया है।

हालांकि एक रेलवे ब्रिज को छोड़कर कहीं भी पानी निकासी नहीं है। यही कारण है कि मानसून सीजन में यहां पर जलजमाव होगा। सेना ने आपत्ति उठाई है कि जलजमाव सेना के बुनियादी ढांचे और उपकरणों को नुकसान पहुंचाएगा। सेना ने कई बैठकों के बाद कुछ समाधान भी दिए है, जबकि अभी इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है। इसमें सुझाव है कि ड्रेनेज को घग्गर नदी में फेंका जा सकता है।

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