CBSE pattern changed : सीबीएसई ने परीक्षाओं का तरीका बदला, 10वीं, 12वीं की डेटसीट जारी
सीबीएसई की तरफ से दसवीं व 12वीं की होने वाली परीक्षा का पूरा पैटर्न ही बदल दिया है। इसके अलावा सीबीएसई की तरफ से इस साल होने वाली परीक्षाओं की डेटसीट भी जारी कर दी गई है। सीबीएसई की तरफ से बदले गए पैटर्न के अनुसार विद्यार्थियों को अब रटने की आदत को बदलना है, ताकि विद्यार्थी समझकर पढ़ाई कर सके। नए बदलाव के तहत 50 प्रतिशत प्रश्न दक्षता पर आधारित होंगे, जिसके जरिए छात्र के दिमागी स्तर को जांचने की कोशिश होगी। वहीं 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में दो बार होगी। नई व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति यानी NEP 2020 के तहत लागू किया जा रहा है।
CBSE ने बोर्ड एग्जाम का पैटर्न बदला
CBSE ने नए परीक्षा पैटर्न में रटकर प्रश्न के उत्तर याद करने की बजाय छात्रों की दक्षता आधारित ज्ञान पर जोर दिया गया है। साल 2026 से परीक्षा का फोकस केवल याद की गई जानकारी को वापस लिखने की बजाय ज्ञान के इस्तेमाल और समस्या-समाधान क्षमताओं का परीक्षण करने पर होगा।
बोर्ड एग्जाम में 50 प्रतिशत प्रश्न छात्रों की दक्षता की जानकारी लेने के लिए होंगे।
दक्षता जानने के लिए बोर्ड परीक्षा में मल्टिपल विकल्प वाले प्रश्न होंगे
बोर्ड एग्जाम में केस आधारित सवाल पूछे जाएंगे।
सोर्स पर आधारित एकीकृत और डेटा की व्याख्या से जुड़े सवाल होंगे।
बोर्ड परीक्षा के पेपर में परिस्थितियों पर आधारित समस्याओं से जुड़े सवाल शामिल होंगे।
20 प्रतिशत प्रश्न पारंपरिक और मल्टिपल विकल्प वाले होंगे।
30 प्रतिशत प्रश्नों में लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल होंगे।
10वीं बोर्ड की साल में दो बार परीक्षा
CBSE के इस बदलाव का मकसद हर परीक्षा का आधा हिस्सा वैचारिक समझ और व्यावहारिक जीवन में काम आने वाले ज्ञान की जांच करना है। 10वीं बोर्ड एग्जाम को आसान बनाने के लिए CBSE ने साल में दो बोर्ड परीक्षाएं कराने का फैसला किया है। NEP 2020 की सिफारिशों के अनुसार, CBSE कक्षा 10 के छात्रों के लिए साल में दो बोर्ड परीक्षाएं शुरू करेगा। ये पहल छात्रों को अधिक लचीलापन प्रदान करेगी, जिससे उन्हें अपने प्रदर्शन को सुधारने और सीखने के परिणामों को बेहतर ढंग से प्रदर्शित करने के अधिक अवसर मिलेंगे।
CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 का शेड्यूल
1 फरवरी से 10वीं और12वीं बोर्ड के एग्जाम होंगे
10वीं बोर्ड एग्जाम के पहले दिन स्टैंडर्ड गणित और बेसिक गणित का एग्जाम होगा
12वीं बोर्ड में बायोटेक्नोलॉजी, एंटरप्ररेन्योरशिप, शॉर्डहेंड, हिन्दी और अंग्रेजी के एग्जाम होंगे।
10वीं की बोर्ड परीक्षाएं 10 मार्च को समाप्त होगी।
12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 9 अप्रैल को समाप्त होंगी।
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एग्जाम का तनाव कम करने की कोशिश
CBSE का बोर्ड एग्जाम के पैटर्न में बदलाव का मकसद छात्रों के सिर से परीक्षा का तनाव कम घटाना और प्रैक्टिकल लाइफ में काम आने वाले व्यवहारिक ज्ञान की परीक्षा लेना है। इसमें परीक्षा के लिए सवालों के जवाब को रटने के पारंपरिक तरीकों को खत्म करना है। छात्रों में सोचने की शक्ति और रिजनिंग क्षमता को बढ़ाना है। ताकि वे अभी से अपने अध्ययन के दृष्टिकोण में बदलाव लाएं और अवधारणा को गहराई से समझने पर ध्यान केंद्रित करें।

