Cbse Exam : सीबीएसई 12वीं कक्षा की परीक्षा कॉपियों की मार्किंग करेंगे कंप्यूटर, डिजिटल करने के लिए लैब हो रही स्थापित
बदलते जमाने के साथ ही सीबीएसई की तरफ से 12वीं कक्षा की परीक्षा कॉपियों को डिजिटल जांच करने के लिए कदम उठाया है। अब सीबीसएई कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन किया जाएगा। अजमेर सहित सभी रीजन में इसकी तैयारियां जारी है। कंप्यूटर लैब सहित अन्य संसाधन जुटाए जा रहे हैं।
बोर्ड की दसवीं-बारहवीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होंगी। इस वर्ष बोर्ड बारहवीं की कॉपियों की डिजिटल जांच शुरू करने का इच्छुक हैं। पारंपरिक तरीक से कॉपियों के बंडल परीक्षकों से जंचवाने की व्यवस्था में बदलाव होगा। मालूम को कि बोर्ड ने साल 2011-12 में बारहवीं की अंग्रेजी विषय की कॉपियां ऑनलाइन जंचवाई थी। बाद में यह प्रक्रिया बंद हो गई।
यों होगी ऑन-स्क्रीन मार्किंग
विद्यार्थियों की कॉपियों को स्कैन कर डिजिटल फॉर्मेट में बदला जाएगा। परीक्षक कम्प्यूटर की स्क्रीन पर उत्तर की जांच कर वहीं अंक दर्ज करेंगे। समान मार्किंग स्कीम लागू होगी। तकनीकी व्यवस्थाओं के लिए विशेषज्ञों की तैनाती भी होगी।
कम होगा सीबीएसई का खर्चा
पारंपरिक व्यवस्था के तहत कॉपियों की ढुलाई कर क्षेत्रीय कार्यालय में भंडारण होता है। यहां परीक्षकों को वितरण कर जांच कराई जाती है। कॉपियों की डिजिटल जांच से कॉपियों के लिए जूट के बोरे, अंक भरने की शीट, पेट्रोल-डीजल व्यय कम होगा। मैनुअल चेकिंग में होने वाली गलतियां कम होंगी।
यह हैं सीबीएसइ के रीजनल दफ्तर
अजमेर, अहमदाबाद, दिल्ली ईस्ट, दिल्ली वेस्ट, भुवनेश्वर, पटना, गुवाहाटी, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम, पंचकुला, रायपुर, रांची, हैदराबाद, गुरुग्राम, लखनऊ, देहरादून बेंगलूरू, चंडीगढ़, भोपाल, विजयवाड़ा, प्रयागराज, नोएडा और पुणे सहित दुबई, अबूधाबी में सेंटर है।
यह होंगे फायदे
कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखेंगी कॉपिय
जांच में बढ़ेगी पारदर्शिता
कॉपियों के कटने-फटने का नहीं संकट
नंबर कटने की अनावश्यक शिकायतें कम
क्रॉस चेकिंग और मॉडरेशन होगा आसान
कॉपियों की त्वरित जांच से परिणाम निकलेंगे जल्दी

