Ration Distribution Rules : राशन वितरण नियमों में किया बदलाव, अब महिलाओं को शादी के बाद मिलेगी यह सुविधा
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन के नियमों में सरकार की तरफ से बड़ा बदलाव किया गया है। यह नियम महिलाओं की शादी के बाद बड़ी राहत देगा और उनके कार्यालय में चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। सरकार की तरफ से फैसला लिया गया है कि अगर युवती की शादी के बाद उसके मायके में मिलने वाला राशन बिना किसी कागजी कार्रवाई के सीधे उसके ससुराल में ट्रांसफर हो जाएगा।
जहां पर उसके मायका के राशन डिपो से राशन उसके ससुराल के राशन डिपो पर ट्रांसफर हो जाएगा। पहले देखने को मिलता था कि शादी के बाद ससुराल के राशन कार्ड में चढ़ाने के लिए कई-कई चक्कर लगाने पड़ते थे और कई-कई महीनों की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, लेकिन सरकार ने महिलाओं की इस समस्या का समाधान कर दिया है।
पूर्ति विभाग या सुविधा सिर्फ विवाहिता को ही देता है। विवाह के बाद बेटियों का मायके की कोटा दुकान से नाम कटवाने व ससुराल की कोटा दुकान पर जुड़वाने में तमाम कठिनाइयों के साथ लंबा समय भी लगता है। राशन कार्ड काटने तथा जुड़ने में लाभार्थी का डाटा नेशनल डाटा सेंटर एवं स्टेट डाटा सेंटर में जाता है।
तकनीकी प्रक्रिया के तहत राउटर द्वारा इसे हटाने से 45 से 90 दिन का समय लगता है। कई बार तकनीकी कमी से लाभार्थी का नाम डुप्लीकेसी में चला जाता है। ऐसे में नए स्थान पर उसका नाम दर्ज करने में काफी कठिनाई होती है। लिहाजा लाभार्थी को उस समय राशन पाने से वंचित रहना पड़ता है।
बेटियों की शादी हो जाने के बाद मायके का राशन कार्ड और जहां शादी हुई है वहां के राशन कार्ड को पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पर ले जाने के बाद विवाहिता का नाम ससुराल पक्ष में जुड़ जाएगा, जिससे उसे राशन पाना आसान हो जाएगा।
निचलौल ब्लाक में लोड़िया की रहने वाली अन्नू का नाम सिसवा मीरगंज में जोड़ा गया है। वहीं हुस्नबानों का भारत खंड पकडी में खेरहवा जंगल नौतनवा ब्लाक की रहने वाली सोनम मौर्य का निचलौल के ग्राम टिकुलहिया में जोड़ा गया है। गुलशन मोहनापुर का जयश्री में जोड़ा गया है ताकि विवाहिता को राशन से वंचित होना न पड़े।
निचलौल के पूर्ति निरीक्षक अधिकारी इंद्रभान ने बताया कि खाद्य एवं रसद विभाग ने विवाहिता का राशन कार्ड काटने तथा जोड़ने में आती समस्या को देखते हुए ऑनलाइन स्थानांतरण की सुविधा दी है। यह प्रक्रिया काफी आसान है। दोनों पक्ष के राशन कार्ड को लेकर पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पर आने के बाद नाम को जोड़ दिया जाता है।जिससे विवाहिता को राशन का लाभ तुरंत मिले।

