Course Change : एनसीईआरटी ने नौवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव, इसी सत्र से लागू होगा
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने करीब 20 साल बाद नौवीं कक्षा के सिलेबस में बड़े स्तर पर बदलाव किया है। अंग्रेजी, गणित, इतिहास, विज्ञान और सामाजिक जैसे विषयों में बदलाव किए गए हैं। अंग्रेजी की दो पुस्तकों की जगह एक पुस्तक की गई है, वहीं 10वीं में पढ़ाए जाने वाले कुछ टापिक्स को नौवीं के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
इसका संकेत ये भी है कि अगले साल 10वीं कक्षा के सिलेबस में भी बदलाव होगा। अगले साल 11 वीं कक्षा के सिलेबस में भी बदलाव किया जा सकता है। इसके चलते अभिभावकों को अपने बच्चों के लिए नई पुस्तकें खरीदनी होंगी यानी उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा। नए पाठ्यक्रम में रटने के बजाय व्यावहारिक ज्ञान और प्रोजेक्ट आधारित मूल्यांकन पर जोर दिया गया है। शिक्षा मंत्रालय ने लंबे समय बाद नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क में संशोधन किया है, जिसका नोटिफिकेशन पिछले साल आया था। गणित विषय का सिलेबस 15% तक बढ़ा दिया है। इसमें अब 12 की जगह 15 अध्याय होंगे।
ये हैं मुख्य बदलाव (2026-27)
पाठ्यक्रम संरचनाः नौवीं कक्षा के पाठ्यक्रम को तीन भागों (भाषा संवाद, कोर अकादमिक, और कौशल आधारित) में व्यवस्थित किया गया है।
गणित में बदलाव: प्रोबेबिलिटी को 10वीं से हटाकर नौवीं कक्षा में जोड़ा गया है। अंकगणितीय प्रगति, ज्यामितीय प्रगति और रैखिक समीकरण जैसे उच्च-स्तरीय विषय भी नौवीं में शामिल किए गए है।
इतिहास में बदलाव: विश्व इतिहास का दायरा कम किया गया है और भारतीय ज्ञान परंपरा (शून्य, आयुर्वेद, दर्शन) पर जोर दिया गया है।
अंग्रेजी सिलेबसः नौवी में अंग्रेजी किताबों की संख्या 2 से घटाकर 1 ('कावेरी) कर दी गई है, जिसमें अब भारतीय लेखकों (सुधा मूर्ति, रवींद्रनाथ टैगोर) की कहानियों पर जोर है। पहले बीहाइव और मोमेटस दो पुस्तकें थी, जिनकी जगह एक पुस्तक कावेरी रहेगी।
विज्ञान व सामाजिक विज्ञान : इनमें अब 'बेसिक और 'स्टैंडर्ड' के विकल्प होंगे।
विषयों का स्थानांतरण: कुछ विषय जो पहले कक्षा 10 में पढ़ाए जाते थे (जैसे प्रजनन/रिप्रोडक्शन), उन्हें अब कक्षा नौवी में शामिल किया गया है।
पिछले साल यह किया था बदलाव
सीबीएसई सिटी को-आर्डिनेटर प्रिसिपल कमला गुरेजा ने बताया कि गत वर्ष चौथी, छठी. आठवी के सिलेबस में बदलाव किया था। वर्तमान सत्र से कक्षा नौवीं के पाठ्यक्रम में राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा के प्रविधानों को लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिसके अंतर्गत पाठ्यक्रम में बदलाव किया है। सीबीएसई से संबद्ध सभी विद्यालयों को निर्देश दिए है कि वे इस पाठ्यक्रम को डाउनलोड कर अपने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से साझा करें। नया पाठ्यक्रम सीबीएसई एकेडमिक पोर्टल पर 'करिकुलम 2026-27' टैब पर देखा जा सकता है।

