Happy Marriage : शहनाइयों की वापसी 14 से, खत्म हो जाएगा खरमास, फिर शुरू होंगे मांगलिक कार्य
एक महीने से थमे मांगलिक कार्यों के बाद अब 14 अप्रैल को खरमास की समाप्ति के साथ ही विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ आयोजनों का सिलसिला शुरू हो रहा है। इसी कड़ी में 19 अप्रैल से शहनाइयों की गूंज के साथ विवाह सीजन का आगाज होगा। जिसमें अक्षय तृतीया सबसे खास और अबूझ मुहूर्त के रूप में सामने आएगी।
ज्योतिषियों के अनुसार 15 मार्च से शुरू हुआ खरमास 14 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट जाएगी। खरमास समाप्त होने के साथ ही अब विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, अन्नप्राशन और अन्य सभी 16 संस्कार शुभ मुहूर्त में किए जा सकेंगे।
आखातीज से 29 जून तक 24 विवाह मुहूर्त खरमास समाप्ति के बाद विवाह का पहला प्रमुख मुहूर्त 19 अप्रेल को अक्षय तृतीया पर रहेगा। इस दिन अबूझ मुहूर्त होने के कारण बिना पंचांग देखे भी विवाह और अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं। ज्योतिषि अनीष व्यास के अनुसार 19 अप्रैल से 29 जून तक कुल 24 विवाह मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे।
जिससे इस दौरान बडी संख्या में विवाह समारोह आयोजित होंगे। हालांकि 17 मई से 15 जून तक अधिक मास रहेगा। जिसके चलते करीब एक माह तक विवाह और मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा। इसी कारण अक्षय तृतीया के आसपास विवाहों की अधिकता देखने को मिलेगी। यह विवाह सीजन 25 जुलाई तक जारी रहेगा। देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू हो जाएगा, जो 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी तक चलेगा। इस अवधि में भी शुभ कार्यों पर रोक रहेगी और इसके बाद वापस विवाह समारोह प्रारंभ होंगे।
सोना-चांदी खरीदने की परंपरा, बढ़ेगी रौनक
आखातीज के दिन सोना-चांदी खरीदना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई कीमती धातुएं अक्षय यानी कभी समाप्त न होने वाली समृद्धि का प्रतीक बनती हैं। जोधपुर सहित पूरे मारवाड़ में अक्षय तृतीया पर सर्राफा बाजार में जबरदस्त उत्साह देखने को मिलता है। वैवाहिक सीजन के साथ इस बार भी लोग स्वर्ण एवं रजत आभूषणों की खरीदारी की तैयारी में हैं।

