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Hydrogen Train : जींद-सोनीपत हाईड्रोजन ट्रेन चलने में लगेगा समय, सुरक्षित मानको पर नहीं मिली हाइड्रोजन 

जींद-सोनीपत रेलवे ट्रैक पर देश की हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की लगभग सभी तैयारी हो चुकी है, लेकिन हाईड्रोजन गैस के सैंपल जांच में सही नहीं मिलने के कारण अब इस ट्रेन को चलने में समय लग सकता है।
 

जींद-सोनीपत रेलवे ट्रैक पर देश की हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की लगभग सभी तैयारी हो चुकी है, लेकिन हाईड्रोजन गैस के सैंपल जांच में सही नहीं मिलने के कारण अब इस ट्रेन को चलने में समय लग सकता है। हाइड्रोजन गैस के सैंपल की जांच में फेल होने की खबर सामने आई है। 10 जनवरी को गुरुग्राम स्थित लैब में सैंपल भेजे गए थे, जिसमें आवश्यकता से अधिक 19 गुणा नमी अधिक पाई गई है।

हाइड्रोजन गैस में नमी की मात्रा 97 प्रतिशत पाई गई, जबकि मानक के अनुसार इसमें अधिकतम 5 प्रतिशत नमी होनी चाहिए। इस चूक के कारण गैस को ट्रेन में उपयोग के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता।

आरडीएसओ की टीम लखनऊ लौटी

आरडीएसओ की टीम जांच के बाद तुरंत लखनक लौट गई। ट्रेन में हाइड्रोजन गैस भरने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक दबाव 325 पीएसआई होना चाहिए, लेकिन जांच में वर्तमान दबाव केवल 220 पीएसआई पाया गया। इससे स्पष्ट है कि न केवल गैस की शुद्धता मानक से कम है, बल्कि दबाव भी सुरक्षित स्तर से काफी नीचे है।

अत्यधिक नमी और कम दबाव सुरक्षा के लिहाज से गंभीर

विशेषज्ञों के अनुसार हाइड्रोजन गैस में अत्यधिक नमी और कम दबाव सुरक्षा के लिहाज से गंभीर समस्या पैदा कर सकते हैं। ट्रेन में इसे भरने की कोशिश की जाती तो दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता था। रेलवे अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की योजना बनाई है।

गैस की नमी को कम करने की बनाई जाएगी योजना

मिली जानकारी के अनुसार नई गैस की सप्लाई की जा सकती है और उसकी गुणवत्ता और दबाव दोनों मानकों के अनुसार सुनिश्चित किए जाएंगे। साथ ही ट्रेन में भरने से पहले गैस का दबाव और नमी स्तर दोबारा जांचना अनिवार्य कर दिया गया है। अब टीम गैस की नमी को किस प्रकार किया जाए, इसको लेकर योजना बनाएगी।

जल्दबाजी में नहीं लिया जाएगा कोई जोखिम

टेस्टिंग करने आई टीम ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में जोखिम नहीं लिया जाएगा। इस घटना के बाद हाइड्रोजन गैस की सप्लाई और ट्रेन में भराई प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

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