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Indian Railways : भारतीय रेलवे ट्रेन में देगा हवाई जैसा सफर का अनुभव, विश्व की सबसे शक्तिशाली ट्रेन उतरेगी ट्रैक पर 

विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन पटरियों पर उतरने को तैयार है

 

भारतीय रेलवे जबरदस्त इतिहास रचने वाला है और विश्व में ट्रेन के मामले में नया रिकार्ड बनाने वाला है। रेलवे ने विश्व पटल पर एक नया इतिहास रचने की पूरी तैयारी कर ली है। देश की पहली और विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन पटरियों पर उतरने को तैयार है।

शून्य शोर और शून्य प्रदूषण की इस ट्रेन में हवाई जहाज जैसा अनुभव होगा। जींद-सोनीपत सेक्शन के बीच जल्द अपनी 140 किमी प्रति घंटा की रफ्तार भरेगी। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) चेन्नई में तैयार हाइड्रोजन ट्रेन एक बार में 2600 से अधिक यात्रियों को ले जाने की क्षमता रखती है। प्रतिदिन दो फेरे लगाते हुए कुल 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

कोच में यह सुविधाएं

कोच में तापमान सेसर, आधुनिक शौचालय और वाशबेसिन लगाए गए है। नीले रंग के आरामदायक गद्दे, छत पर आधुनिक पंखे और एलईडी लाइट पैनल है। सिर्फ बैठने ही नहीं, बल्कि खड़े होकर सफर करने वाले यात्रियों के पकड़ने के लिए नीले रंग के मजबूत हैंडग्रिप्स लगाए गए है। बीच में स्लाइडिंग दरवाजे है।

आधुनिक बायो टायलेट बनाए गए हैं। फर्श पर मेटालिक शीट का उपयोग किया गया है। दरवाजों के पास स्टील की रेलिंग और ग्रिल्स दी गई है। ट्रेन को गहरे नीले और सफेद रंग के काम्बिनेशन में रंगा गया है। ट्रेन के आगे के हिस्से पर एच-टू पावर्ड और क्लीन मोबिलिटी लिखा गया है।

इस तरह होगा ड्राइवर का कैबिन

लोको पायलट का कैबिन में एक डिजिटल स्क्रीन है जो हाइड्रोजन स्तर, ट्रेन की गति की सटीक जानकारी देती है। पुश-बटन स्वचलित ब्रेकर पैनल लगाए गए हैं। रेड इमरजेंसी हैंडल और पुश-बटन कंट्रोलर दिए गए हैं। बायीं ओर स्विच और सर्किट ब्रेकर इलेक्ट्रिक सिस्टम को नियंत्रित करता है।

हाइड्रोजन प्लांट को 24 घंटे मिलेगी बिजली

हाइड्रोजन प्लांट को स्थिर और निर्बाध 11 केवी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में बिजली निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए है कि बिजली आपूर्ति प्रणाली की नियमित समीक्षा की जाए और वैकल्पिक व्यवस्था को भी सुदृढ़ रखा जाए।
 

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