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हाय महंगाई : आलू - टमाटर से लेकर कॉफी - मांस तक हुआ महंगा, अल नीनो का बुरा साया, बाजार 8 हफ्तों से गिर रहा

 

 

RNE, NETWORK.

 

जलवायु परिवर्तन के प्रभाव सिर्फ चरम मौसमी घटनाओं तक सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि इससे खाद्य उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। इसका असर खाने - पीने की चीजों की कीमतों पर असर के रूप में दिखाई दे रहा है।

एक रिपोर्ट के अनुसार सूखा, रिकॉर्ड गर्मी और बहुत ज्यादा बारिश की घटनाओं ने दुनिया के अलग अलग हिस्सों में कॉफी, मांस, सब्जियों, आलू और समुद्री शैवाल जैसी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेज बढ़ोतरी की है। इसमें अल नीनो की भूमिका अहम है।

भारत मे हरी सब्जियों और फलियों की कीमतें कई गुना बढ़ गयी। जुलाई की तुलना में टमाटर 31 फीसदी महंगा हो गया। वहीं ब्राजील में कॉफी का उत्पादन प्रभावित हुआ है। अमेरिका के ग्रेट प्लेन क्षेत्र में गंभीर सूखे की स्थिति बन गयी है। ब्रिटेन में भी बारिश ने उत्पात मचाया है। खेतों में पानी भरने से पशुपालन पर बुरा असर पड़ा है।

इन मामलो को अलग अलग घटनाओं के रूप में देखने के बजाय बड़े बदलाव के हिस्से के तौर पर देखना चाहिए। कई तरह के जलवायु झटके एक साथ बढ़ रहे हैं और इसका असर जल्दी खराब होने वाले और पोषक खाद्य पदार्थों पर पड़ रहा है।

 

लगातार 8 हफ्ते गिरा बाजार

 

स्टॉर्क मार्केट इन दिनों भारी दबाव में कारोबार कर रहा है। इसी हफ्ते में बाजार दो दिन तेजी से नीचे आया है। आगे भी इसमें गिरावट होने की आशंका दिख रही है। बाजार में दबाव का सबसे बड़ा कारण विदेशी फंडों की बिकवाली लगातार जारी है। साथ ही कच्चे तेल के दाम में तेजी से मार्केट के सेंटीमेंट को फिर से हिला दिया है। 

यह लगातार आठवां हफ्ता है, जब सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई है। ऐसा बीते 25 सालों में पहली बार हुआ है। जब मार्केट लगातार 8 हफ्ते तक गिरा है।

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