National Floor Wage : मोदी सरकार मजदूरों के लिए खोलेगी खजाना, नेशनल न्यूनतम वेज को लगभग तीन गुना करने की तैयारी
मोदी सरकार द्वारा देश के मजदूरों की आए इनकम बढ़ाने का जल्द ही फैसला ले सकती है। मोदी सरकार द्वारा देश में नेशनल न्यूनतम वेज (National Floor Wage) को बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल देश में न्यूनतम वेज 176 रुपये प्रतिदिन है, लेकिन केंद्र सरकार न्यूनतम वेतन वेज को ज्यादा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत नेशनल न्यूनतम वेज को बढ़ाकर 350 से 450 रुपये करने की तैयार की जा रही है। ऐसे में देशभर के लाखों मजदूरों को इसका सीधा फायदा मिलने वाला है। अगर ऐसा होता है तो मजदूरों की डेली और मंथली इनकम में इजाफा हो सकता है।
केंद्र के सूत्रों के अनुसार श्रम मंत्रालय नया सैलरी स्ट्रक्चर तैयार कर रहा है, जिसमें अनस्किल्ड, सेमी स्किल्ड और स्किल्ड सभी तरह के मजदूर शामिल होंगे। अगर यह नया फ्लोर वेज लागू होता है, तो देश के सभी राज्यों को अपनी न्यूनतम वेज इसी के अनुसार तय करनी होगी। यानी कोई भी राज्य केंद्र की तय सीमा से कम वेज नहीं दे सकेगा।
नए नियम के तहत वेज का कैलकुलेशन 26 दिनों के हिसाब से की जाएगी। यानी अगर दिहाड़ी 350 रुपये तय होती है, तो मंथली इनकम करीब 9,100 रुपये होगी, और 450 होने पर यह करीब 11,700 रुपये तक पहुंच सकती है।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
पिछली बार राष्ट्रीय फ्लोर वेज 2017 में 176 रुपये तय की गई थी। इसके बाद महंगाई लगातार बढ़ी है, लेकिन वेज में उतनी तेजी से इजाफा नहीं हुआ। इकोनॉमिक सर्वे 2024-25 के अनुसार कंपनियों का मुनाफा स्थिर बना हुआ है, लेकिन कर्मचारियों की सैलरी उतनी तेजी से नहीं बढ़ी। खासकर एंट्री लेवल नौकरियों में वेतन उतना नहीं बढ़ा है। इसी वजह से मजदूर संगठनों में असंतोष बढ़ा है और कई राज्यों को हाल ही में वेज बढ़ानी पड़ी है।
राज्यों ने पहले ही बढ़ाए वेतन
हरियाणा ने न्यूनतम वेज में करीब 35% तक बढ़ोतरी की है, जिससे अकुशल मजदूरों की मासिक सैलरी लगभग 15,200 रुपये हो गई है। वहीं उत्तर प्रदेश में भी नोएडा और गाजियाबाद में वेज बढ़ाई गई है। यहां अकुशल मजदूरों की सैलरी 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दी गई है। इसी तरह अर्ध-कुशल मजदूरों की सैलरी 15,059 रुपये और कुशल मजदूरों की 16,868 रुपये तक पहुंच गई है।
अन्य राज्य भी कर सकते हैं बदलाव
महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्य पहले से ज्यादा वेज देते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर वे भी समीक्षा कर सकते हैं। बिहार और पंजाब जैसे राज्यों में भी वेतन बढ़ाने का प्रोसेस शुरू हो चुका है।
नए लेबर कोड के तहत होगा बदलाव
यह पूरा बदलाव नए लेबर कानूनों के तहत किया जा रहा है। Code on Wages, 2019 के अनुसार केंद्र सरकार एक न्यूनतम फ्लोर वेज तय करती है, जो पूरे देश के लिए आधार यानी बेससाइन की तरह होत है। इसके अलावा अन्य तीन कोड इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड, सोशल सिक्योरिटी कोड और सोशल सिक्योरिटी कोड और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी कोड भी लागू हो चुके हैं।

