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New Atal Progress Highway : राजस्थान, एमपी, यूपी से होकर निकलेगा 404 किमी लंबा नया अटल प्रोग्रेस हाईवे, इन जिलों की जमीन होगी अधिग्रहण 

राजस्थान, एमपी व यूपी की कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से नया अटल प्रोग्रेस हाईवे बनाया जाएगा। 404 किलोमीटर लंबा नया अटल प्रोग्रेस हाईवे तीनों ही राज्यों के विभिन्न जिलों से होकर निकलेगा और इसके लिए जमीन अधिग्रहण की जाएगी।
 

राजस्थान, एमपी व यूपी की कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से नया अटल प्रोग्रेस हाईवे बनाया जाएगा। 404 किलोमीटर लंबा नया अटल प्रोग्रेस हाईवे तीनों ही राज्यों के विभिन्न जिलों से होकर निकलेगा और इसके लिए जमीन अधिग्रहण की जाएगी। अटल प्रोग्रेस हाईवे का सबसे ज्यादा हिस्सा एमपी के तीन जिलों से होकर निकलेगा, जबकि राजस्थान व यूपी के एक-एक जिले से होकर निकलेगा।

नया अटल प्रोग्रेस हाईवे के निर्माण के बाद 10-11 घंटे का सफर घटकर पांच घंटे पहुंच जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से पक्रिया को शुरू कर दिया है। पहले इस प्रोजेक्ट को भारत माला परियोजना के तहत बनाया जाना था, लेकिन अब इसे नया अटल प्रोग्रेस वे में शामिल किया गया है। जहां पर पहले 11500 करोड़ रुपए का यह प्रस्ताव बना था, लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण इस हाईवे के बजट को बढ़ा दिया है। नया अटल प्रोग्रेस हाईवे अब 23 हजार 700 करोड़ रुपये में बनकर तैयार होगा। 

3 राज्यों के पांच जिलों से होकर निकलेगा हाईवे 

अटल प्रोग्रेस हाईवे की शुरुआत यूपी के इटावा जिले के ननावा से होगी। इसके बाद यह मध्यप्रदेश में प्रवेश कर जाएगा और यह एमपी के भिण्ड, मुरैना और श्योपुर जिले से होते हुए राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर जाएगा। इसमें राजस्थान के कोटा जिले में जाकर दूसरे नेशनल हाईवे से जुड़ जाएगा। एनएचएआई की प्रोजेक्ट के तहत सबसे ज्यादा लंबा हाईवे 168 किलोमीटर मुरैना जिले में और सबसे कम करीब 22 किलोमीटर का हिस्सा राजस्थान के खाते में आएगा।

किसानो के विरोध के बाद रोका गया था काम

अटल प्रोग्रेस-वे को लेकर किसानों ले जमकर विरोध किया था। हालांकि इस प्रोजेक्ट को वर्ष 2017 में बनी थी, लेकिन उस समय किसानों के विरोध को देखते हुए इसको स्थगित कर दिया था। इसके कारण अक्टूबर 2023 में तब के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह इस हाईवे को वापस ले लिया था। वर्ष 2021 में भारत माला परियोजना में इसे शामिल करके नाम बदलकर अटल प्रगति पथ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने दो दिन पहले भोपाल में हुई बैठक के बाद इसे फिर से शुरू करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।

तीन राज्यों के पांच जिलों की चार हजार हेक्टेयर भूमि होगी अधिग्रहण 

तीन राज्यों से पांच जिलों से होकर निकलने वाले 404 किमी लंबे हाईवे के लिए लगभग चार हजार हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट के अनुसार एमपी में 188.1, यूपी में 180.76 व राजस्थान में 492.51 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जना है। इसमें राजस्थान में 70.78, मप्र में 1604 एवं उत्तरप्रदेश में 36.35 हेक्टेयर शासकीय भूमि, राजस्थान में 380.93, मप्र 1180 एवं उत्तरप्रदेश में 134.7 हेक्टेयर निजी, जल संरचनाओं से लगी राजस्थान में 40.8 हेक्टेयर राजस्थान में, 404 हेक्टेयर एमपी में और 9.71 हेक्टेयर भूमि यूपी में अधिग्रहित की जानी है।

454 हेक्टेयर भूमि का होना है अधिग्रहण

खेतों से होकर निर्माण पर वन विभाग की 454.51 हेक्टेयर भूमि अधिगृहित की जानी है। राजस्थान में कोटा जिले के सीमाल्या गांव के पास मुंबई-बड़ोदरा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 27 से शुरू होकर मध्यप्रदेश के तीन जिलों को कवर करते हुए उत्तरप्रदेश के इटावा जिले में निनावा तक प्रस्तावित इस मार्ग के निर्माण भिण्ड और इटावा जिले के लोगों को कोटा जाने के लिए सीधा शॉर्टकट और सुगम आवागमन उपलब्ध हो सकेगा। इसके आसपास लॉजिस्टिक हथ, औद्योगिक क्षेत्र और चंबल पर्यटन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

अटल प्रोग्रेस हाईवे की किस जिले में कितनी प्रस्तावित लंबाई

भिण्ड-47 किमी
मुरैना-168 किमी
श्योपुर-95 किमी
कोटा (राजस्थान)-72 किमी
इटावा (यूपी)-22 किमी

 

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