New Elevated Railway Corridors : हरियाणा के इस शहर में बना नए एलिवेटेड रेलवे कॉरिडोर, ऊपर से ट्रेन, नीचे से चलेगी वाहन
हरियाणा को देश का पहला नए एलिवेटेड रेलवे कॉरिडोर की सौगात मिली है। यह प्रोजेक्ट हरियाणा के रोहतक शहर को मिला है। इस एलिवेटेड रेलवे कॉरिडोर के बाद शहर में लगने वाले जाम से राहत मिलने वाली है, क्योंकि एलिवेटेड रेलवे कॉरिडोर को ऐसे डिजाइन किया गया है कि इसके ऊपर से ट्रेन चलेगी, जबकि नीचे से यातायात चलेगा।
रोहतक को मिले इस एलिवेटेड रेलवे कॉरिडोर के बाद शहर के व्यस्त मार्गों पर स्थित पांच रेलवे फाटक खत्म हो गई है। इसके बाद अब रेलवे लाइन के नीचे से वाहन रफ्तार भरते हुए नजर आएंगे।
केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने इस एलिवेटेड रेलवे कॉरिडोर की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि चाहे वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार हो या नई रेल लाइनों का निर्माण, आज विकास कार्य पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में पांच गुना अधिक गति से आगे बढ़ रहे हैं।
ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने रोहतक में देश के पहले एलिवेटेड रेलवे कॉरिडोर का अवलोकन भी किया और इसकी जमकर सहराना की। ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक रेल नेटवर्क के विस्तार किया जा रहा है, ताकि देश का प्रत्येक कोना ट्रेन से जुड़ सकें और हर जगह का सफर आसान हो सके।
रोहतक में बना पांच किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रेल कॉरिडोर
रोहतक में बना एलिवेटेड रेल कॉरिडोर शहर में नया परिवर्तन लेकर आया। लगभग पांच किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड रेलवे ट्रैक आधुनिक भारत की विकास सोच को दर्शाता है। इस परियोजना में ऊपर रेलवे लाइन और नीचे सडक़ मार्ग का विकास किया गया है, जिससे यातायात व्यवस्था अधिक सुगम और व्यवस्थित हुई है।
रेल कॉरिडोर के साथ हरियाली विकसित करने की भी व्यापक योजना बनाई गई है। पूरे क्षेत्र को हरित एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान किया जाएगा, जिससे यह परियोजना केवल परिवहन सुविधा तक सीमित न रहकर शहरी सौंदर्यीकरण का भी उदाहरण बनेगी।
रोहतक शहर ने विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। रोहतक-पानीपत रेलखंड पर देश का पहला एलिवेटेड रेलवे ट्रैक तैयार किया गया है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था को नई गति मिली है।
इस परियोजना के पूरा होने से न केवल शहर के पांच प्रमुख रेलवे फाटक समाप्त हुए हैं, बल्कि लगभग 50 हजार से अधिक आबादी को जाम मुक्त एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा भी उपलब्ध हुई है। परियोजना पर कुल 315.46 करोड़ रुपये की लागत आई।
एलिवेटेड रेलवे कॉरिडोर बनने से शहर के पांच व्यस्त रेलवे फाटक स्थायी रूप से बंद हो गए हैं। इन फाटकों के बंद होने से वर्षों पुरानी जाम की समस्या का समाधान हुआ है तथा नागरिकों को निर्बाध यातायात सुविधा उपलब्ध हुई है।

