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New Rail Project : केंद्र सरकार ने 12 नए रेलवे प्रोजेक्ट को दी मंजूरी, डीपीआर तैयार होते ही जमीन होगी अधिग्रहण, होगी नोटों की बारिश 

सकरी-फारबिसगंज लाइन का दोहरीकरण के सर्वे पर 3.096 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। ओलापुर-उमेशनगर बाइपास लाइन के साथ 85 किलोमीटर लंबे समस्तीपुर-हसनपुर-खगड़िया लाइन का दोहरीकरण पर 2.37 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है।
 

केंद्र सरकार द्वारा देशभर में नए रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे रहा है। इसी बीच में पूर्व मध्य रेलवे विभाग द्वारा 12 नए रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। रेलवे विभाग ने इन प्रोजेक्ट की फाइनल सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के लिए योजना बनाई है। जहां पर डीपीआर तैयार करने के लिए रेलवे विभाग द्वारा 10 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है।

जहां पर इन नइ रेलवे लाइन के रुट को प्लान किया जाएगा। इसके बाद भूमि का चयन किया जाएगा और इस जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।जिन किसानों या दूसरे लोगों की प्रॉपर्टी इसमें आएगी उनको रेलवे विभाग द्वारा नोटों की बारिश होगी। 

इन रेलवे प्रोजेक्ट को दी मंजूरी 

रेलवे विभाग की तरफ से जिन कामों की सर्वे डिटेल मांगी है। इनमें दनियावां बाइपास लाइन, आरा-सासाराम दोहरीकरण, फतुहा के पास रेल फ्लाइओवर, पाटलिपुत्र-फुलवारी शरीफ पाटलिपुत्र-दानापुर दोहरीकरण सहित अन्य परियोजनाएं शामिल हैं। पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि संबंधित राशि से एफएलएस का सर्वे कर निर्माण कार्य किया जायेगा।

रेलवे ने इन 12 प्रोजेक्ट को दी मंजूरी 

सकरी-फारबिसगंज लाइन का दोहरीकरण के सर्वे पर 3.096 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। ओलापुर-उमेशनगर बाइपास लाइन के साथ 85 किलोमीटर लंबे समस्तीपुर-हसनपुर-खगड़िया लाइन का दोहरीकरण पर 2.37 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। आरा-सासाराम लाइन का दोहरीकरण के साथ डीएफसी लाइन से कनेक्टिविटी लाइन के सर्वे पर  2.32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

23 किलोमीटर लंबी सिलौत-जुब्बासहनी बाइपास लाइन के सर्वे पर  69 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। ललितग्राम-बीरपुरनी लाइन नेपाल बार्डर तक की लाइन के सर्वे के लिए 66 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। गंगा नदी पर रेलपुल के साथ 10 किलोमीटर लंबी फतुहा-बिदुपुर नई लाइन के सर्वे के लिए 30 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। छह  किलोमीटर लंबा फतुहा के पास रेल फ्लाइओवर 18 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी।

कुचमन और गंजख्वाजा के बीच आरओआर के साथ डीडीयू बाइपास लाइन पर 18 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। 6 किलोमीटर लंबे नेऊरा बाइपास लाइन पर 18 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। पाटलिपुत्र-फुलवारीशरीफ  तक छह किलोमीटर और पाटलिपुत्र-दानापुर तक छह किलोमीटर लाइन का दोहरीकरण 28.8 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी।

चार  किलोमीटर लंबी बिहारशरीफ बाइपास लाइन पर  12 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। 4 किलोमीटर लंबी दनियावां बाइपास लाइन के सर्वे पर 12 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। 

इस वजह से होगा लोकेशन सर्वे

सीपीआरओ ने बताया कि फाइनल लोकेशन सर्वे रेलवे लाइन या अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण से पहले एक डिटेल सर्वे है, जो किसी स्पेशल रूट का सेलेक्शन होने के बाद किया जाता है। इसका उद्देश्य निर्माण के लिए डिटेल योजनाएं और चित्र तैयार करना है। इसमें रूट का सटीक निर्धारण, लागत का अनुमान, भू-तकनीकी अध्ययन और कार्य विवरण शामिल होते हैं।

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