New Rapid Rail Corridor : दिल्ली से अलवर के बीच 164 किमी लंबा नया रैपिड रेल कॉरिडोर बनेगा, रास्ता हुआ साफ
राजस्थान व हरियाणा के लोगों नए रैपिड रेल कॉरिडोर की सौगत मिलने वाली है। दिल्ली-अलवर आरआरटीएस कॉरिडोर के निर्माण में गुरुग्राम में आ रही हाइटेंशन लाइन की बाधा दूर हो गई है। दिल्ली से अलवर तक रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर के निर्माण में बाधा बन रहे एंबियंस मॉल से इफको चौक तक हाइटेंशन टावर और लाइन हटाई जाएगी।
हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) ने इसके लिए 65 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत का प्रस्ताव तैयार कर एनसीआरटीसी को भेज दिया है। अब एनसीआरटीसी यह तय करेगा कि टेंडर किसी कंपनी को दिया जाए या फिर एचवीपीएनएल को सीधे कार्य सौंपा जाए। इस हाइटेंशन लाइन और टावर के हटने के बाद दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान को जोड़ने वाले इस सेमी-हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के निर्माण में गति आएगी। यह कॉरिडोर दिल्ली और अलवर के बीच तेज और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।
160 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
दिल्ली से अलवर तक आरआरटीएस कॉरिडोर की कुल अनुमानित लंबाई लगभग 164 किमी होगी। यह सराय काले खां से शुरू होकर गुरुग्राम, रेवाड़ी, नीमराना, शाहजहांपुर और बहरोड़ होते हुए अलवर पहुंचेगा। पूरे कॉरिडोर में 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें 17 एलिवेटेड और 5 भूमिगत होंगे। ट्रेन की औसत गति 100 किमी/घंटा और अधिकतम ऑपरेशनल स्पीड 160 किमी/घंटा तक होगी।
आरआरटीएस कॉरिडोर निर्माण अभी प्री-कंस्ट्रक्शन फेज में है। रूट के लिए नई डीपीआर और रूट एलाइन्मेंट फाइनल किया जा चुका है और एनसीआरटीसी ने कंसल्टेंसी टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परियोजना का ऑन-ग्राउंड निर्माण अगस्त 2026 से शुरू होने की संभावना है और पूरा कॉरिडोर 2031 के अंत तक परिचालन में आने की उम्मीद है।
पहले पुरानी दिल्ली रोड से था प्रस्तावित रूट
आरआरटीएस का रूट शुरुआत में दिल्ली रोड से प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ शिफ्ट कर दिया गया। एनएच-48 पर इफको चौक से एंबियंस मॉल तक हाइटेंशन टावर और लाइनें प्रोजेक्ट में बाधक बन रही थीं। सेक्टर-20 से सेक्टर-72 और उद्योग विहार फेस-4 के सबस्टेशनों तक जाने वाली लाइनें भी इसी हिस्से में आ रही हैं। लाइन शिफ्टिंग के लिए एचवीपीएनएल ने लागत और सुपरविजन फी सहित प्रस्ताव तैयार कर दिया है।

