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NUJI : आगरा में पत्रकार सम्मेलन, केशव प्रसाद मौर्य अतिथि, पत्रकारिता को बचाने पर चिंतन

 
RNE Bikaner.
नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया (NUJI) के दो दिवसीय राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के समापन अवसर पर पत्रकारिता की विश्वसनीयता, फर्जी पत्रकारों और फर्जी पत्रकार संगठनों के बढ़ते प्रभाव तथा मीडिया की निष्पक्षता जैसे मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मीडिया का निष्पक्ष और जिम्मेदार होना अत्यंत आवश्यक है।
मौर्य ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उसकी साख बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। मोबाइल फोन के जरिए बड़ी संख्या में लोग मीडिया के क्षेत्र में आ रहे हैं, लेकिन उनमें से कई केवल अपना एजेंडा चलाने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों का वास्तविक पत्रकारिता से कोई सरोकार नहीं है और समाज को उनसे सावधान रहने की जरूरत है।
उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कई बड़े मीडिया संस्थान व्यापारिक घरानों के नियंत्रण में हैं, जिससे पत्रकारों और पत्रकारिता पर विभिन्न प्रकार के दबाव और सीमाएं बढ़ी हैं। इसके बावजूद देश में पत्रकारिता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पत्रकारों के हितों और मीडिया की मजबूती के लिए हरसंभव सहयोग करेगी।
एनयूजेआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि देश में पत्रकारिता कई चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने फर्जी पत्रकारों और फर्जी पत्रकार संगठनों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से उनकी जांच कराने और प्रभावी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पहले राजनीति पर सवाल उठते थे, लेकिन अब पत्रकारों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
रास बिहारी ने यह भी कहा कि पत्रकारों की विभिन्न मांगों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है और मीडिया जगत में भी एक तरह का दबाव महसूस किया जा रहा है। उन्होंने पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा और मीडिया की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर एनयूजेआई के राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप तिवारी ने संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी। राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रमोद गोस्वामी तथा उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुरेंद्र दुबे ने सम्मेलन की रूपरेखा और निष्कर्षों पर प्रकाश डाला। राजस्थान, बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने राज्यों की गतिविधियों और पत्रकारों से जुड़े मुद्दों पर विचार रखे।
सम्मेलन में आगामी संगठनात्मक चुनाव, राज्य और जिला कार्यकारिणियों के गठन तथा पत्रकार हितों से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। राजस्थान से प्रदेश अध्यक्ष संजय सैनी, प्रदेश महासचिव सुरेश पारीक, संगठन मंत्री भंवर सिंह कुशवाह तथा प्रदेश संयोजक राकेश कुमार शर्मा सहित कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सम्मेलन के दौरान पत्रकारिता की साख को बचाने, फर्जी पत्रकारों पर अंकुश लगाने और पत्रकारों की सुरक्षा व अधिकारों को मजबूत करने के लिए ठोस पहल की आवश्यकता पर व्यापक सहमति बनी।

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