प्रदीप की बहन ने विनोद जाखड़ के बांधी राखी, नीट परीक्षा पेपर लीक होने पर प्रदीप ने की थी सुसाइड
RNE Network.
राजनीति को वैसे तो बहुत ही निष्ठुर कहा जाता है। इसमें भावुकता के लिए कोई स्थान ही नहीं होता। लोग राजनीति में रिश्तों तक की कद्र नहीं करते। मगर ऐसा न करने वाले एक दिन पछताते है। जो राजनीति में रिश्तों को भी बराबर तरजीह देते हुए भावुक पलों को भी जीते है, वे बड़े नेता बनते है।
इमोशनल कनेक्ट में इन दिनों राहुल गांधी सबसे आगे है। वे चुनाव प्रचार में भी यह कनेक्ट नहीं छोड़ते। अभी जब नीट की परीक्षा का पेपर लीक हुआ तो छात्रों में हाहाकार मच गया। पीएम नरेंद्र मोदी व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक बयान तक नहीं दिया।
उस समय राहुल मैदान में उतरे और सुसाइड करने वाले छात्रों के घर तक पहुंचे, जहां खुद नहीं गए वहां अपने साथियों को भेजा। हर सम्भव मदद की। राजस्थान में भी गुढ़ा के गांव में प्रदीप मेघवाल ने दुखी होकर आत्महत्या की।
पिता ने जमीन बेचकर पढ़ाया था। तीन बहनों का वह इकलौता भाई था। राहुल गांधी ने यहां एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ को भेजा।
विनोद ने परिजनों से राहुल की बात कराई। राहुल ने कर्ज, स्थिति आदि की जानकारी ली। उन्होंने मदद का भरोसा दिलाया। यह भरोसा नेताओं का भरोसा नहीं था। दूसरे दिन विनोद जाखड़ 11 लाख का चेक लेकर पहुंचे। साथ में पूर्व मंत्री राजकुमार शर्मा थे, उन्होंने 2 लाख रुपये के चेक दिए। राहुल ने साबित किया कि राजनीति केवल वादा नहीं, उसकी क्रियान्विति है।
किसके राखी बांधूंगी.....
प्रदीप 3 बहनों का इकलौता भाई था। एक बहन ने रोते हुए कहा कि अब किसके राखी बांधूंगी। तब भावुक मन से विनोद जाखड़ ने कहा, मैं विनोद हूँ ना तेरा भाई। उसने राखी बंधवाई और 51000 शगुन के दिये। वह पल बहुत ही भावुक कर देने वाला था। हर कोई कह रहा था, कौन कहता है कि कोमल ह्रदय वाले राजनेता नहीं बचे। लोग राहुल गांधी, विनोद जाखड़ व राजकुमार शर्मा को दिल से दुआ दे रहे थे और सबकी भावुकता के कारण आंखें नम थी।

