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Car VIP Number : गाड़ी का वीआईपी नंबर बढ़ रही बोली, 0003 नंबर पर लग गई इतने लाख बोली 

 

चंडीगढ़ में गाड़ियों के फैंसी नंबरों के शौक ने इस बार नया इतिहास रच दिया है। रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) की ओर से नई सीरीज 'CH01DE' के नंबरों की ई-ऑक्शन कराई गई। इसमें पहली बार '0001' को पछाड़कर '0003' नंबर सबसे महंगा बिका।

CH01DE 0003 के लिए रिकॉर्ड 37.63 लाख रुपए की फाइनल बोली लगी। इसी सीरीज का '0001' नंबर 23.55 लाख में बिका है। यह 0003 नंबर चंडीगढ़ के इतिहास में अब तक का दूसरा सबसे महंगा बिकने वाला फैंसी नंबर बन गया है। इस नीलामी में कुल 683 नंबर बिके, जिससे प्रशासन को 4.13 करोड़ रुपए का बंपर रेवेन्यू मिला है।

क्रेजः 8-10 लाख से बढ़कर 30 लाख के पार पहुंची औसत बोली

चंडीगढ़ में फैंसी नंबरों के लिए बोली की रकम पिछले कुछ सालों में दो से तीन गुना तक बढ़ गई है। पहले जहां मुख्य वीआईपी नंबरों के लिए औसत बोली 8 से 10 लाख रुपए लगती थी, वह अब 30 लाख रुपए या इससे ऊपर पहुंच गई है। यही वजह है कि पहले आरएलए को एक ऑक्शन से जहां 60-70 लाख रुपए की कमाई होती थी, वह अब 4 करोड़ रुपए को पार कर रही है।

टॉप-10 फैंसी नंबर (CH01DE सीरीज)

0003 37.63 लाख
0001 23.55 लाख
0009 12.30 लाख
0002 10.22 लाख
0005 9.86 लाख
0007 9.48 लाख
0077 8.54 लाख
0008 8.14 लाख
0010 7.92 लाख
0004 6.69 लाख

रिकॉर्ड बोली लगाने वाले दो सबसे महंगे नंबर अब तक गाड़ियों पर नहीं लगे

शहर के दो सबसे महंगे नंबर अब तक किसी गाड़ी की नंबर प्लेट पर नहीं सज सके हैं। CH01DD 0001: मार्च 2026 में हुई ऑक्शन में यह नंबर देश की दूसरी सबसे बड़ी बोली यानी 53.88 लाख रुपए में बिका था। 3 महीने बीतने के बाद भी यह नंबर अलॉट कराने वाला इसे लेने नहीं आया।

CH01DA 0001: अगस्त 2024 में इस नंबर के लिए 36.43 लाख रुपए की बोली लगी थी। इसे भी किसी गाड़ी पर नहीं लगाया गया है।

देरी की तो पेनल्टी मीटर चालूः आरएलए के मुताबिक, फैंसी नंबर अलॉट होने के एक महीने बाद ही पेनल्टी का नियम लागू हो जाता है। तय समय में बकाया राशि जमा कर नंबर नहीं लिया तो बचे अमाउंट पर 10% सालाना पेनल्टी और उस पेनल्टी पर भी 10% ब्याज जुड़ता चला जाता है।
 

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