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नागौर और डीडवाना-कुचामन में आयुष्मान योजना से सैकड़ों मरीजों को मिल रहा लाभ
- संजीवनी साबित हुई मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना
- लाडनूं के युवा का जोधपुर एम्स में हुआ कैशलेस कीडनी ट्रांसप्लांट
RNE Network
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना गांव-ढाणी तक बैठे आमजन के लिए संजीवनी साबित हो रही है। डीडवाना-कुचामन जिले के लाडनूं उपखण्ड क्षेत्र के गांव सुनारी गांव के किसान मोहनराम के 25 वर्ष के युवा पुत्र गोविन्द के लिए यह योजना जीवन दायिनी साबित हुई है।
किडनी खराब होने के कारण दो साल पूर्व गोविन्द के जीवन की दिशा ही बदल गई। आईटीआई और 12 वीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद कीडनी की बीमारी के कारण गोविन्द आगे पढ़ नहीं पाया। डायलिसिस के सहारे जैसे-तैसे गोविन्द जीवन की गाड़ी को आगे बढ़ा रहा था, फिर एक दिन उसके जीवन में आशा की किरण जगी। किसी रिश्तेदार के सुझाव पर गोविन्द 2 जून 2024 को अपने परिजन के साथ जोधपुर के अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान में पहुंचता है और वहां उसने विषेषज्ञ चिकित्सक को अपनी मेडिकल हिस्ट्री के बारे बताते हुए जांच करवाई। यहां आयुष्मान मित्र रजनी चारण ने गोविन्द को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत किडनी ट्रांसप्लांट का पूरा उपचार कैशलेस होने की जानकारी दी और एम्स की किडनी ट्रांसप्लाट यूनिट में उसका रजिस्ट्रेशन कर दिया। गोविन्द को उसकी माता कमला देवी ने किडनी डोनेट की हामी भरते हुए अंगदान सम्बन्धी अपना सहमति पत्र जमा कराया। फिर क्या था 16 अगस्त 2024 को कीडनी के मरीज गोविन्द व अंगदान दाता उसकी माताजी कमला देवी को एम्स में भर्ती किया गया। किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी के लिए सभी प्रकार की आवश्यक जांचें होने के बाद 18 सितम्बर 2024 को गोविन्द का नेफ्रो सर्जन डॉ. मनीष चतुर्वेदी व उसकी पूरी टीम ने सफल किडनी ट्रांसप्लांट कर दिया। ऑपरेशन के बाद गोविन्द और उसे किडनी देने वाली माता कमला देवी को विषेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में सर्जीकल आईपीडी वार्ड में रखा गया। यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. ए.एस. संधू की भी गोविन्द के उपचार में पूरा योगदान रहा। पहले आईसीयू और फिर स्थिति में सुधार आने पर गोविन्द तथा उसकी माताजी को सामान्य वार्ड में भर्ती कर दिया गया। उपचार की अवधि पूर्ण होने और स्वास्थ्य में सुधार को देखते हुए गोविन्द को 10 अक्टूबर 2024 को एम्स, जोधपुर से छुट्टी दे गई। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद गोविन्द निरंतर अब तक यहां नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट में आवश्यक उपचार एवं दवाईयां ले रहे हैं और वो भी कैशलेस। यानी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में 3 लाख से अधिक राशि के पैकेज की कैशलेस किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी का लाभ लेने के बाद उन्हें आगामी उपचार और दवाईयां भी उक्त योजना के तहत कैषलेस मुहैया करवाई जा रही है।
अब स्वस्थ जीवन जी रहे गोविन्द का कहना है कि अब वह फिर से आगे स्नातक की पढ़ाई शुरू करेगा। किडनी दानदाता उनकी माता कमला देवी भी अब स्वस्थ है। गोविन्द व उसका परिवार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में लाखों रूपए का उपचार कैशलेस मिलने और अपने लाल को नया जीवन मिलने पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, राज्य के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्रसिंह का धन्यवाद देते नहीं थकता।
नागौर में 31 व डीडवाना-कुचामन में 47 अस्पताल में मिल रहा है लाभ:
नागौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने बताया कि राज्य सरकार की इस जन स्वास्थ्य कल्याणकारी योजना के चलते लाखों रूपए की लागत पैकेज वाला उपचार उच्च चिकित्सा संस्थानों में कैशलेस पाकर स्वस्थ जीवन जी रहे आमजन बड़ी राहत महसूस कर रहे हैं। इस योजना के तहत जिले में 19 राजकीय तथा 12 निजी अस्पतालों में पात्र मरीजों को कैशलेस उपचार मुहैया करवाया जा रहा है।
वहीं डीडवाना-कुचामन जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेन्द्र चौधरी ने बताया कि जिले में 24 राजकीय तथा 23 निजी अस्पतालों में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत पात्र मरीजों को कैशलेस उपचार मुहैया करवाया जा रहा है।