Movie prime

कांग्रेस सांसदों के निधि अन्य राज्यों में खर्च करने पर भाजपा हमलावर हुई

अब लेने के देने पड़े, भाजपा सांसदों ने भी अन्य राज्यों में निधि खर्च की
एक नई राजनीतिक बहस को जन्म मिला
 

मधु आचार्य ' आशावादी '

d

RNE Network.

राजस्थान विधायक निधि के बाद अब सांसद निधि को भी लेकर एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। विधायक निधि में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सत्तारूढ़ भाजपा, कांग्रेस व एक निर्दलीय विधायक का प्रकरण स्टिंग ऑपरेशन के जरिये सामने आया। स्टिंग में आये वीडियो के बाद से राज्य में विधायक निधि को लेकर एक गहन चर्चा छिड़ी हुई है। यह मामला अभी विधानसभा की सदाचार कमेटी के पास है और वो जांच कर रही है। 

अब राज्य के सांसदों की सांसद निधि भी चर्चा में आ गयी है। इसको लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। सबसे पहले कांग्रेस के 3 सांसदों पर सांसद निधि के अन्य राज्यों में खर्च को लेकर तथ्य सामने आए। बस, इतना भर होते ही भाजपा नेता इन सांसदों व कांग्रेस पर हमलावर हो गए। ताबड़तोड़ इन पर क्षेत्र की जनता की उपेक्षा, बड़े नेताओ को खुश करने के आरोप जड़ दिए। 
 

दो ही दिन में भाजपा को लेकर भी सांसद निधि अन्य राज्यों में खर्च करने के तथ्य सामने आ गए। इनमें 4 राज्यसभा सदस्यों के तथ्य सामने आए जिन्होंने अन्य राज्यों में अपनी सांसद निधि खर्च की है। इनमें एक तो केंद्रीय मंत्री भी शामिल है। अब भाजपा को लेने के देने पड़ गए है। हां, इससे जनता में जरूर सांसद निधि को लेकर एक बहस छिड़ गई है, सियासत भी इस पर होने लगी है अब।
 

कांग्रेस पर पहला हमला:
 

कांग्रेस के चूरू से सांसद राहुल कस्वां, भरतपुर से सांसद संजना जाटव व झुंझनु से सांसद बृजेन्द्र ओला ने अपनी सांसद निधि को अन्य राज्यों में खर्च किया। इस पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के सांसदों ने अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए सांसद निधि का दुरुपयोग किया है। उनका आरोप था कि यह अपने क्षेत्र की जनता के साथ धोखाधड़ी है। सांसद निधि जनता को राहत देने के लिए होती है, न कि राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए और कृपा पात्र बनने के लिए।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के इस आरोप से कांग्रेस के साथ प्रदेश की सियासत में भी हलचल आरम्भ हो गई। विपक्ष इसका जवाब तलाशने में लग गया। सोशल मीडिया पर भी एक बहस शुरू हो गयी । राज्य के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने भी कांग्रेस पर आरोप लगाए।
 

भाजपा पर ही भारी हो गया आरोप:
 

कांग्रेस पर आरोप लगने के दो दिन बाद ही भाजपा पर भी सांसद निधि को अन्य राज्यों में खर्च करने का तथ्य सामने आ गया। भाजपा के मुंह पर ताला लग गया। जवाब देते नहीं बना। ये लेने के देने पड़ जाने वाली बात हुई। भाजपा के राजस्थान से राज्यसभा सदस्य घनश्याम तिवाड़ी, रवनीत सिंह बिटट्टू, चुन्नीलाल गरासिया और राजेंद्र गहलोत ने भी अपनी सांसद निधि का बजट अन्य राज्यों में खर्च किया है। जिसमें बिट्टू तो केंद्र में मंत्री भी है। अब हमलावर होने की बारी कांग्रेस की थी।
g

कांग्रेस सांसद संजना जाटव ने कहा कि भाजपा सांसदों का सांसद निधि का बजट दूसरे राज्यों को देना सही है तो फिर कांग्रेस सांसदों का दूसरे राज्यों को बजट देना गलत कैसे हो गया। संजना जाटव के इस बयान का भाजपा के पास कोई जवाब नहीं।
 

सांसद निधि का नियम:
 

नियम के अनुसार कोई भी सांसद एक वित्तीय वर्ष में अपनी सांसद निधि में से 50 लाख रुपये दूसरे राज्य में खर्च कर सकता है। उस दृष्टि से देखें तो इन सांसदों ने कुछ भी गलत नहीं किया। पर सवाल नैतिकता का है, जब खुद के ही राज्य में विकास कार्यों की जरूरत है तो फिर बजट दूसरे राज्य को क्यों दिया जाये।
 

नैतिकता पर ही पूरी बात आकर टिक गयी है। इस बहस के बाद अब सांसद दूसरे राज्य को सांसद निधि से बजट देते हुए थोड़ा तो झिझकेगा ही, उसका फायदा राज्य को मिलेगा। इस बहस से एक सकारात्मक मार्ग तो निकला ही है।

FROM AROUND THE WEB