Haryana-'No PUC, No Fuel' : हरियाणा में नया नियम, PUC सर्टिफिकेट नहीं तो पेट्रोल-डीजल भी नहीं
RNE Chandigarh.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। एनसीआर के जिलों में 1 अक्टूबर 2026 से 'No Pollution Under Control Certificate, No Fuel' नीति लागू की जाएगी। यानी जिन वाहनों के पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा।
इस निर्णय की समीक्षा हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के तहत आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में की।
2,780 पेट्रोल पंपों पर होगी डिजिटल जांच :
परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजशेखर वुंद्रू ने बताया कि एनसीआर के सभी 2,780 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान (ANPR) प्रणाली लगाई जा रही है। यह प्रणाली वाहन के नंबर के आधार पर पीयूसी प्रमाणपत्र की वैधता जांचेगी। यदि वाहन के पास वैध पीयूसी नहीं होगा, तो उसे ईंधन नहीं दिया जाएगा।
925 इलेक्ट्रिक बसें चलेगी :
सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को भी मजबूत करने का फैसला किया है। वर्ष 2026 के दौरान गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल और रोहतक में 925 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। अभी तक 70 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतर चुकी हैं, जबकि 385 नई बसों का ऑर्डर दिया जा चुका है।
एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग :
वायु गुणवत्ता की बेहतर निगरानी के लिए राज्य में 23 नए कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन 30 सितंबर तक शुरू किए जाएंगे। इसके बाद ऐसे स्टेशनों की कुल संख्या बढ़कर 45 हो जाएगी।
पुराने वाहनों पर कार्रवाई :
हरियाणा सरकार ने प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया है। अब तक 2,883 ओवरएज वाहनों को जब्त किया गया है।2,010 वाहनों को स्क्रैप कराया जा चुका है। स्वैच्छिक रूप से वाहन हटाने के लिए 6,000 से अधिक एनओसी जारी की गई हैं।

