Movie prime

JDA ने 2014 से 2026 तक भूमि आवंटन का पूरा रिकॉर्ड वेबसाइट पर किया सार्वजनिक

संस्थाओं को दी गई जमीन का ब्यौरा भी ऑनलाइन, पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम

 

RNE Jaipur. 

जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जन जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वर्ष 2014 से 2026 तक भूमि के बदले भूमि आवंटन से जुड़े सभी प्रकरणों का विस्तृत रिकॉर्ड सार्वजनिक कर दिया है। अब आमजन यह जान सकेंगे कि किस व्यक्ति या संस्था को, किस जमीन के बदले, कहां और कितनी जमीन आवंटित की गई।

JDA ने यह संपूर्ण जानकारी अपनी वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध कराई है। वेबसाइट पर संबंधित जोन, योजना का नाम, भूखंड संख्या, भूखंड का आकार, भूमि उपयोग, प्रॉपर्टी आईडी, आवेदक का नाम, आवंटन की तारीख सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की गई हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति आसानी से जानकारी प्राप्त कर सके।

संस्थाओं को मिली जमीन का रिकॉर्ड भी सार्वजनिक : 

JDA आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा, शोध, प्रशिक्षण, खेल, जनसुविधा, समाचार पत्र और अन्य संस्थागत उपयोग के लिए विभिन्न संस्थाओं को नियमानुसार आवंटित भूमि का रिकॉर्ड भी प्रारंभ से वर्ष 2026 तक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य भूमि आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना और किसी भी प्रकार की भ्रांतियों या अपारदर्शिता की संभावना को समाप्त करना है।

2002 से 2013 तक का रिकॉर्ड भी जल्द होगा अपलोड : 

JDA के अनुसार वर्ष 2002 से 2013 तक भूमि के बदले भूमि आवंटन से जुड़े मामलों का रिकॉर्ड भी वेबसाइट पर अपलोड करने की प्रक्रिया जारी है। अभिलेखों के संकलन और तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह जानकारी भी जल्द आमजन के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी।

 “पूरी प्रक्रिया नियमसम्मत और पारदर्शी” : 

JDA ने स्पष्ट किया कि संस्थागत उपयोग हेतु भूमि आवंटन की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। राज्य सरकार की नीति के अनुसार प्रत्येक आवंटन में पात्रता, आवश्यकता, जनहित और नियमों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।

प्राधिकरण का कहना है कि तकनीकी माध्यमों के अधिकतम उपयोग से प्रक्रियाओं को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जा रहा है।

रोजगार और विकास को मिलेगी गति : 

JDA के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, शोध और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़ी संस्थाओं को भूमि आवंटन से शहर में गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का विस्तार होगा। साथ ही नई परियोजनाओं और संस्थानों के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी। यह पहल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुशासन, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के विजन तथा नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के निर्देशन में की गई है।

FROM AROUND THE WEB