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Mothers Day : कविता में छलका ममता का संसार, माताओं ने सुनाई दिल की अनकही बातें

 

RNE Bikaner. 

“माँ की आंख शहद रंग की होती है,
तभी तो माँ इतनी मीठी होती है…”

जब ये पंक्तियां ऑनलाइन मंच पर गूंजीं तो स्क्रीन के उस पार बैठी कई आंखें नम हो उठीं। मदर्स डे के अवसर पर Beyond Imagination Club एवं MOMS (Multitasking Outstanding Mothers Space) Community द्वारा आयोजित फेसबुक लाइव कार्यक्रम “माँ की कहानी, माँ की ज़ुबानी” सिर्फ एक काव्य गोष्ठी नहीं, बल्कि मातृत्व की संवेदनाओं का जीवंत उत्सव बन गया।

देश के अलग-अलग शहरों से जुड़ी माताओं ने पहली बार सोशल मीडिया के मंच पर अपने मन की परतें खोलीं। किसी ने मुस्कुराते हुए खुद को “घर की CEO” कहा, तो किसी ने बच्चों की हर जरूरत पर तत्पर रहने वाली माँ को “Google से भी Fast” बताया।

लेकिन इन मुस्कानों के पीछे छिपी थकान, जिम्मेदारियों का बोझ और बिना शिकायत सब संभाल लेने वाली स्त्री की अनकही पीड़ा भी कविताओं में साफ झलकती रही।

एक प्रतिभागी ने कहा : 
 

“माँ वो दीया है,
जो खुद जलकर घर को रोशन करती है…”

तो दूसरी आवाज आई : 
 

“थक जाती है माँ भी कभी-कभी,
पर बच्चों के सामने मुस्कुराना नहीं भूलती…”

कार्यक्रम की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि अधिकांश महिलाएं पेशेवर कवयित्री नहीं थीं। फिर भी उन्होंने बिना किसी झिझक अपने अनुभवों को शब्द दिए। कहीं बच्चों की पहली मुस्कान थी, कहीं अकेलेपन की टीस, तो कहीं उस संतोष की चमक, जो सिर्फ माँ बनने के बाद महसूस होती है।

बीकानेर की हिंदी एवं राजस्थानी कवयित्री मोनिका गौड़ ने बतौर मुख्य अतिथि अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से माहौल को और संवेदनशील बना दिया। उन्होंने कहा—

“जब माँ बोलती है,
तो सिर्फ शब्द नहीं, पूरा जीवन बोलता है…”

“माँ की आंख शहद रंग की होती है,
तभी तो माँ इतनी मीठी होती है…”

उनकी कविताओं में माँ की ममता, त्याग और निस्वार्थ प्रेम का ऐसा चित्र उभरा कि लाइव कार्यक्रम से जुड़े दर्शकों ने भी कमेंट्स में अपनी भावनाएं साझा करनी शुरू कर दीं।

कार्यक्रम का संचालन ऊर्जा परिवर्तन विशेषज्ञ रासेश्वरी हिंदुस्तानी ने किया। उन्होंने कहा कि MOMS Community ऐसा मंच है, जहां माताएं बिना किसी तुलना और निर्णय के खुद को खुलकर अभिव्यक्त कर सकती हैं।

उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “हर माँ अपने आप में एक Angel है, जरूरत सिर्फ इतनी है कि कोई उसे उसकी अपनी रोशनी फिर से याद दिला दे…” स्वास्थ्य कारणों से कुछ समय से निष्क्रिय रही यह कम्युनिटी मदर्स डे पर नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ फिर सक्रिय हुई।

कार्यक्रम में अंजू गुप्ता, अरुणा सिंह, बिथिका राव, अमनवीर कौर, पूजा दुबे, क्रुज़िना रमेश, पुष्पलता डिसूज़ा, सुमेधा अडावड़े और हिमाली शाह ने भी अपनी प्रस्तुतियों से मातृत्व के अनेक रंग उकेरे।

फेसबुक लाइव के जरिए प्रसारित इस कार्यक्रम का समापन एक ऐसे संदेश के साथ हुआ, जिसने हर दिल को छू लिया। 

“माँ सिर्फ एक रिश्ता नहीं,
बल्कि पूरी दुनिया को जोड़ने वाली भावना है…”

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