प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार : साहस, विज्ञान, खेल, कला या समाज सेवा में किया है कमाल? तो आपके लिए है देश का सबसे बड़ा बाल सम्मान
PMRBP : शुरू हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के आवेदन, जानिए पूरी प्रक्रिया
RNE New Delhi.
अगर आपके आसपास कोई ऐसा बच्चा है जिसने कम उम्र में असाधारण साहस दिखाया है, विज्ञान में नया आविष्कार किया है, खेल में देश का नाम रोशन किया है, पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय काम किया है या समाज में बदलाव की मिसाल पेश की है, तो उसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पाने का सुनहरा मौका है।

भारत सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए आवेदन और नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी है। आवेदन की अंतिम तिथि: 31 जुलाई 2026 है। यह पुरस्कार देश में बच्चों को दिया जाने वाला सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है, जिसे हर वर्ष राष्ट्रपति द्वारा नई दिल्ली में आयोजित विशेष समारोह में प्रदान किया जाता है।
क्या है प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार?
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP) 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के उन बच्चों को दिया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि हासिल की हो या अद्भुत साहस, नवाचार, नेतृत्व और सेवा भावना का परिचय दिया हो। यह पुरस्कार वर्ष 2019 से शुरू हुआ और अब तक 203 बच्चों को सम्मानित किया जा चुका है।
25 बच्चों को 06 श्रेणियों में पुरस्कार :
1. बहादुरी : जान जोखिम में डालकर दूसरों की मदद करना, संकट की घड़ी में साहस और सूझबूझ दिखाना।
2. समाज सेवा : समाज में सकारात्मक बदलाव लाना, महिलाओं, बच्चों या वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए कार्य करना।
3. पर्यावरण : पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता में उल्लेखनीय योगदान।
4. खेल : राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन।
5. कला एवं संस्कृति : संगीत, नृत्य, चित्रकला, साहित्य या सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में योगदान।
6. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी : नवाचार, आविष्कार या तकनीकी समाधान विकसित करना, जिससे समाज को लाभ मिले।
कौन-कैसे कर सकता है आवेदन?
भारतीय नागरिक हो। भारत का निवासी हो। 31 जुलाई 2026 को आयु 5 से 18 वर्ष के बीच हो। पहले यह पुरस्कार प्राप्त न किया हो। उपलब्धि या कार्य पिछले दो वर्षों के भीतर का हो। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन National Awards Portal (Awards.gov.in)](https://awards.gov.in पर होंगे। आवेदन करते समय हाल की फोटो, उपलब्धि से जुड़े दस्तावेज, प्रमाण पत्र, अधिकतम 1000 शब्दों में उपलब्धि का विवरण अपलोड करना होगा।
ये बच्चे बन चुके हैं मिसाल :
पिछले वर्षों में सम्मानित बच्चों में शामिल हैं एआई आधारित पुनर्वास उपकरण बनाने वाले दिव्यांग बाल वैज्ञानिक अर्नव अनुप्रिया महर्षि। आग लगने की घटना में 36 लोगों की जान बचाने वाली करीना थापा। माइक्रोप्लास्टिक पहचानने की तकनीक विकसित करने वाले आदित्य प्रताप सिंह चौहान। एंटी-बुलिंग ऐप बनाने वाली अनुष्का जॉली आदि।

