Rajasthan H1N1 Allert : कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को स्वाइन फ्लू, अब तक 129 मामले, देशभर में अलर्ट
Rudra News Express Jaipur-New Delhi.
राजस्थान में स्वाइन फ्लू को लेकर हेल्थ अलर्ट की स्थिति बन गई है। प्रदेश के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा H1N1 पॉजिटिव पाए गए हैं। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के मेडिकल ICU में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है।
चिंता की बड़ी वजह यह है कि राजस्थान में अगस्त 2026 के पहले पखवाड़े तक स्वाइन फ्लू के 129 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 16 मामले थे। यानी एक साल में मामलों में करीब आठ गुना उछाल दर्ज किया गया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार अब तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू से मौत की सूचना नहीं है।
मंत्री के पॉजिटिव आने के बाद बढ़ी सतर्कता :
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें SMS अस्पताल के मेडिकल ICU में भर्ती किया गया है। संक्रमण नियंत्रण के लिहाज से उनके ICU बेड वाले ब्लॉक को आइसोलेट किया गया है। चिकित्सकों की टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रही है। डॉक्टरों ने संक्रमण को देखते हुए फिलहाल उनसे मिलने-जुलने से बचने की सलाह दी है। उनका इलाज स्वाइन फ्लू प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा है।
दिल्ली में 2300 से ज्यादा H1N1 केस, राज्यों में संक्रमण की स्थिति :
राजस्थान ही नहीं, देश के कई हिस्सों में H1N1 के मामले बढ़ रहे हैं। दिल्ली में 26 अगस्त तक 2,308 H1N1 मामले सामने आ चुके हैं। वहां कुल इन्फ्लूएंजा संक्रमण करीब 3,000 तक पहुंच गया है। बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने आपात समीक्षा बैठक भी की है। राजस्थान में दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत पड़ोसी राज्यों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सर्विलांस बढ़ाया है। अस्पतालों और फील्ड टीमों को फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों पर नजर रखने और संदिग्ध मामलों की समय पर जांच व प्रबंधन के निर्देश दिए गए हैं।
कर्नाटक :
सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य, जहां 4,200 से अधिक प्रयोगशाला-पुष्टि मामले दर्ज हो चुके हैं। आधे से अधिक मामले अकेले बेंगलुरु से हैं। स्थिति को देखते हुए राज्य में सर्विलांस बढ़ा दिया गया है। अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
दिल्ली (NCR) :
इस साल अब तक 2,000 से 2,300 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जो पिछले साल (229 केस) की तुलना में बहुत अधिक हैं। दिल्ली सरकार ने आपातकालीन बैठकें बुलाई हैं। LNJP अस्पताल जैसे प्रमुख अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के लिए स्पेशल आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं। नोएडा में भी 120 से ज्यादा केस आने पर एडवाइजरी जारी की गई है।
उत्तराखंड - 05 मौतें :
यहां वायरस तेजी से पैर पसार रहा है; इस महीने अब तक 49 कन्फर्म मामलों के साथ 5 मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है। मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है और पहाड़ी व मैदानी दोनों क्षेत्रों में स्क्रीनिंग सख्त कर दी गई है।
महाराष्ट्र :
मुंबई, पुणे[, पिंपरी-चिंचवड़ सहित कई हिस्सों में संक्रमण की रफ्तार बहुत तेज है। अस्पतालों में फ्लू और सांस की बीमारी (Respiratory Illness) के मरीजों की भारी भीड़ है। डॉक्टरों को ओपीडी में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
उत्तर प्रदेश- मध्य प्रदेश :
दोनों राज्यों के बड़े शहरों में मामले लगातार रिपोर्ट हो रहे हैं। स्वास्थ्य महकमे ने जिला अस्पतालों को आइसोलेशन बेड आरक्षित रखने और दवाओं का स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
क्या नया वायरस है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा H1N1 संक्रमण को किसी नए खतरनाक वायरस के रूप में नहीं देखा जा रहा है। देश में सामने आ रहे मामले मौसमी इन्फ्लूएंजा के बढ़ते प्रसार से जुड़े हैं। इसलिए फिलहाल घबराने से ज्यादा सावधानी जरूरी है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें :
स्वाइन फ्लू में सामान्य तौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, थकान और नाक बहना या बंद होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। सांस लेने में परेशानी या स्थिति बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
क्या करें?
* फ्लू जैसे लक्षण होने पर भीड़ में जाने से बचें।
* खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकें।
* हाथों की नियमित सफाई करें।
* लक्षण गंभीर होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
* बुजुर्गों और गंभीर बीमारी वाले लोगों में लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

