Supreme Court ने ‘बाबरी मस्जिद’ नाम पर नई मस्जिदों के निर्माण पर रोक की मांग ठुकराई
RNE Bikaner.
देशभर में बाबर के नाम पर किसी भी मस्जिद के निर्माण पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया। याचिका में कहा गया था कि मुगल शासक बाबर एक विदेशी आक्रांता था, जिसने हिंदुओं की हत्या की। उस जैसे धर्मांध शासक के नाम पर देश मे कोई मस्जिद नहीं बननी चाहिए। याचिकाकर्ता की ओर से मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम पर एक मस्जिद का निर्माण होने का हवाला दिया गया लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इंकार कर दिया।
दरअसल Supreme Court ने उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें मुगल बादशाह Babur या ‘Babri Masjid’ के नाम पर देश में नई मस्जिदों या धार्मिक ढांचों के निर्माण और नामकरण पर रोक लगाने की मांग की गई थी। अदालत के सख्त रुख के बाद याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी वापस ली।
मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ के समक्ष हुई। पीठ ने याचिका की प्रकृति को देखते हुए इसमें दखल देने या कोई निर्देश जारी करने में अनिच्छा (disinclination) जताई।
बंगाल के मुर्शिदाबाद से जुड़ा विवाद:
विवाद की पृष्ठभूमि पश्चिम बंगाल से जुड़ी है। Trinamool Congress (TMC) के निलंबित विधायक Humayun Kabir ने कथित तौर पर घोषणा की थी कि वे पश्चिम बंगाल के Murshidabad जिले में बाबरी मस्जिद की हूबहू प्रतिकृति (Replica) का निर्माण कराएंगे। इस बयान के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
याचिका में केंद्र और राज्यों को निर्देश देने की मांग की गई थी कि वे ‘बाबर’ या ‘बाबरी मस्जिद’ नाम से किसी भी नई मस्जिद/धार्मिक संरचना के निर्माण या नामकरण की अनुमति न दें। अदालत ने इस प्रकार के व्यापक और नीतिगत निर्देश देने से इनकार करते हुए याचिका पर विचार करने से मना कर दिया।

