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Viral Video: स्व.रामेश्वर डूडी को गाली, कल्ला, मदनगोपाल, शंकर पन्नू, भाया महाराज के लिये भी अपशब्द

अशोक गहलोत, गोविंदसिंह डोटासरा से मिले बीकानेर के नेता, डेमेज कंट्रोल के हो रहे प्रयास

गोविंदराम के समर्थक ने करवाई एफआईआर, ऑडियो-वीडियो से निजता भंग करने का आरोप लगाया

ऑडियो को एडिट करने का आरोप लगा मामले को हलका करने का हो रहा प्रयास

 

RNE Jaipur-Bikaner.

पंचायत चुनाव की दस्तक से ठीक पहले राजस्थान में एक पूर्व मंत्री के कथित वायरल ऑडियो-वीडियो से कांग्रेस में भूचाल आ गया है। इस वायरल वीडियो का असर इतना ज्यादा हुआ है कि एक विधायक, कांगेस के दो अध्यक्ष सहित कई नेता जयपुर कूच कर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा से मिले हैं। दूसरी ओर अचानक आए इस संकट से डेमेज कंट्रोल करने के उच्च स्तर पर प्रयास शुरू हो गए हैं। इसी कड़ी में पुलिस को भी एक रिपोर्ट दी गई है। जिसमे ऑडियो-वीडियो को निजता भंग करने वाला और नुकसान पहुंचाने के लिहाज से जोड़-तोड़ कर प्रस्तुत करने का आरोप लगाया गया है।

पहले जानिये कैसा ऑडियो-वीडियो, कौन शामिल:
 

दरअसल इस वीडियो मंे किसी के चेहरे सामने नहीं आ पाया है। यह बीकानेर जिले के ककराला गांव में 25 मार्च को हुए एक रात्रि जागरण के दौरान रिकॉर्ड होना बताया जा रहा है। जागरण के दौरान चल रही कुछ लोगों की बात तो इसमें रिकॉर्ड हुई है लेकिन इसमें चेहरे किसी के भी नहीं आए है। ऐसा लगता है कि जब बातचीत चल रही थी तो किसी ने मोबाइल कैमरे का वीडियो ऑन कर उसे रिकॉर्ड कर लिया। बाद में इसे वावयरल कर दिया। इस दौरान कैमरे को चेहरो की ओर नहीं किया गया है। ऐसे मं आवाज स्पष्ट रिकॉर्ड हुई है लेकिन चेहरे किसी के भी सामने नहीं आए हैं।
 

गोविंदराम मेघवाल की आवाज का आरोप:

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ऑडियो में पूर्व मंत्री और हाल ही लोकसभा चुनाव लड़े कांग्रेस के दिग्गज दलित नेता गोविंदराम मेघवाल की आवाज होने का दावा किया जा रहा है। इसमें कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व.रामेश्वर डूडी को गाली और अपशब्द के साथ संबोधन करते हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया है। आरोप लगाया गया है कि वे भाजपा के सांसद प्रत्याशी अर्जुनराम मेघवाल से मिले हुए थे। इतना ही नहीं यह भी कहा गया है सरिता मेघवाल (गोविंदराम की बेटी व पूर्व प्रधान) को जिला प्रमुख बनने से रोक दिया गया। वह जिला प्रमुख बनती तो उसका फायदा लोकसभा चुनाव में मिलता।

50 लाख और खर्च देते तो बन जाते सांसद:
 

इस ऑडियो में लोकसभा चुनाव में हुई जीत-हार का मूल्यांकन करते हुए कहा गया है कि वोटर्स को बूथ तक लाने के लिए मात्र 50 लाख रुपए और खर्च कर देते तो चुनाव जीत जाते। इतना ही नहीं इससे पहले बीकानेर से लोकसभा चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों मदनगोपाल मेघवाल और शंकर पन्नू के लिए भी अपशब्दों का प्रयोग किया गया है। एक जगह पूर्व मंत्री बी.डी.कल्ला और ग्रामीण राजनीति में खास पहचान रखने वाले पूर्व सरपंच ‘भाया महाराज’ का जिक्र भी इज्जत से नहीं किया गया है।

सड़क से लेकर कांग्रेस मुख्यालय तक हड़कंप:
 

वीडियो वायरल होने के साथ ही कांग्रेस में हड़कंप मच गया। रामेश्वर डूडी के सैकड़ों समर्थक आक्रोशित हो गए। युवक कांग्रेस अध्यक्ष भंवर कूकणा ने इस्तीफे की घोषणा कर दी। संयोगवश इसी दिन जयपुर मंे तेल-गैस संकट पर कांग्रेस का प्रदर्शन था। अधिकांश नेता जयपुर ही मौजूद थे। ऐसे में तुरंत पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा से मिलकर अपनी नाराजगी जताई। इसके साथ ही नेताओं ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी जांच और कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठा दी।

डूडी की पत्नी विधायक सुशीला नेताओं से मिली:

वीडियो वायरल होने के बाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व.रामेश्वर डूडी की पत्नी और नोखा की विधायक सुशीला रामेश्वर डूडी ने कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की। जानकारों का कहना है सुशीला डूडी इस मसले पर काफी दुखी थी। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने उन्हें धैर्य बंधाया और पूरे मामले पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि इन नेताआंे से देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनानराम सियाग, बीकानेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने भी मुलाकात की लेकिन इस मसले पर फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। राजस्थान के प्रभारी सहित हाईकमान तक भी मसला पहुंचा है।

मदनगोपाल मेघवाल ने जताया खुला विरोध:
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बीकानेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष एवं लोकसभा का चुनाव लड़ चुके मदनगोपाल मेघवाल ने इस वीडियो की निंदा करते हुए प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के सामने अपनी आपत्ति जताई है। मेघवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि वायरल हो रहे ऑडियो-वीडियो में कथित रूप से बीकानेर के वरिष्ठ नेता दूसरे कई नेताओं के बारे में गाली-गलौच के साथ टिप्पणी करते सुनाई दे रहे हैं। इनमें बी.डी.कल्ला, रामेश्वर डूडी सहित कई नेताओं के नाम है। इस बारे में अपनी आपत्ति जताते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनाओं से प्रदेश नेतृत्व को अवगत करवाया है। इसके साथ ही उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

हाईकमान को सौंपे तथ्य:
 

इस बीच जानकारी सामने आई है कि प्रदेश कांग्रेस के नेताओं, प्रभारी सहित सभी प्रमुख लोगों तक वीडियो, ऑडियो के साथ ही कई तथ्य भेजे गए हैं। दूसरी ओर कांग्रेस के युवा नेताओं ने सड़पर उतरने की चेतावनी दी है। युवक कांग्रेस के अध्यक्ष भंवर कूकणा ने जहां इस्तीफा दिया है वहीं एनएसयूआई के श्रीकृष्ण गोदारा आदि ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट रामेश्वर डूडी के पक्ष में लगाई है। बताया जाता है कि कार्रवाई नहीं हुई तो युवा सड़क पर भी उतर सकते हैं।

पुलिस को रिपोर्ट:
 

इन सबके बीच जेठाराम मेघवाल नामक शख्स से इस संबंध में पुलिस को रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट मंे कहा गया है कि हमारे यहां जागरण था। जिसमें गोविंदराम मेघवाल जी अतिथि थे। उनका स्वागत-सत्कार किया। इसके बाद अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान कोई अज्ञात व्यक्ति चोरी-छिपे हमारे यहां घुस आया और पंचायत राज चुनाव से पहले नेता गोविंदराम मेघवाल को बदनाम करने की नीयत से वीडियो बनाकर उसमें कांट-छांटकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।

रेवंतराम पंवार, बिशनाराम, प्रहलाद मार्शल सहित नेताआंे की पोस्ट चर्चा में:

इस बीच अब यह मसला सोशल मीडिया पर सबसे हॉट मुद्दा बन गया है। कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके पूर्व विधायक रेवंतराम पंवार, देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल, कांग्रेस के संगठन महामंत्री माशल प्रहलादसिंह आदि की पोस्ट अब चर्चा का विषय बनने लगी है। एनएसयूआई के नेता श्रीकृष्ण गोदारा, युवक कांग्रेस के भंवर कूकणा आदि की पोस्ट भी चर्चा का केन्द्र है।

गोविंदराम-बेटी सरिता के साथ गहलोत से मिले, बयान भी दिया:
 

इस बीच पूर्वमंत्री गोविंदराम मेघवाल ने भी अपनी बेटी पूर्व प्रधान सरिता चौहान के साथ अशोक गहलोत से मुलाकात की। इस मुलाकात का वीडियो भी उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर शेयर किया। इसे पंचायत राज चुनाव पर चर्चा होना बताया। गोविंदराम ने इस मीटिंग में जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर विचार-विमर्श होने की बात भी की।

अब मैं भी हजारों लोगों को लेकर सड़क पर उतर जाऊंगा: गोविंदराम

इस बीच पूर्वमंत्री गोविंदराम मेघवाल ने लायन एक्सप्रेस न्यूज चैनल के पत्रकार योगेश व्यास को दिए इंटरव्यू में अपने विरोधियों पर साजिश और षड़यंत्र करने का आरोप लगाया है। आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव में इतने वोट लेने और मेरी बढ़ती राजनीतिक हैसियत के कारण मुझे रोकने के लिए साजिशें-षड़यंत्र हो रहे हैं। उन्होंने इसके पीछे अपनी पार्टी के नेताआंे के साथ ही कैबिनेट मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के पुत्र एवं भाजपा नेता रविशेखर मेघवाल का हाथ होने का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि अब मुझे ज्यादा टारगेट किया तो मैं भी हजारों लोगों के साथ सड़क पर उतर आऊंगा और एक-एक नेता की पोल खोरकर रख दूंगा। यह पूरा प्रकरण चुनाव से पहले पार्टी और मुझे कमजोर करने के लिए रचा गया है।

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इन सबके बीच कांग्रेस की राजनीति की बात करें तो दिवंगत रामेश्वर डूडी और पूर्व मंत्री गोविंदराम सामान्यतया एक-दूसरए के विपरीत रहे हैं। ग्रामीण राजनीति में डूडी का दबदबा होने से गोविंद राम को जिला प्रमुख सहित की चुनाव में अच्छी ताकत के बाद भी कदम पीचहए खींचने पड़े। यह भी माना जाता है कि बीते 30 सालों में बीकानेर में या तो डूडी खुद जिला प्रमुख बने या फिर जिसे चाहा उसे बनाया। डूडी के इस किले को भेद नहीं पाने का मलाल सिर्फ भाजपा ही नहीं कांग्रेस को भी रहा। पिछले चुनाव में गोविंदराम मेघवाल की पुत्री और पत्नी दोनों जिला परिषद सदस्य चुने गए। कांग्रेस का जिला प्रमुख बनने के बावजूद इन्हें प्रमुख प्रत्याशी नहीं बनाया गया। ऐसे में इस बार चुनाव से ठीक पहले एक बार फिर जबरदस्त जोर आजमाइश हो रही है। चूंकि इस बार डूडी दुनिया में नहीं रहे ऐसे में चुनावी समीकरण बदलने की कोशिशें काफी तेज हो रही है। इस ऑडियो-वीडियों को भी उससे जोड़कर देखा जा रहा है। अलबत्ता Rudra News Express इस वायरल वीडियों की पुष्टि नहीं करता।

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