Weather News : केदारनाथ का पैदल रास्ता बंद, बिहार में बाढ़, राजस्थान के पूर्वी-दक्षिणी हिस्सों में बारिश, बीकानेर में पारा 40
Rudra News Express Bikaner.

देश में मानसून इस समय विरोधाभासी तस्वीर पेश कर रहा है। पहाड़ों से मैदान तक कहीं बारिश आफत बन चुकी है तो कहीं यही बारिश राहत का इंतजार खत्म करने वाली है। उत्तराखंड में बादल फटने और भूस्खलन से केदारनाथ का पैदल रास्ता बंद हो गया है। बिहार के कई हिस्से बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में भी नदियां उफान पर हैं। इसके ठीक उलट राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में मानसून की वापसी के बीच गर्मी ने फिर पलटवार किया है। बीकानेर में शुक्रवार दोपहर पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
13 से 15 के बीच बीकानेर-जोधपुर में बारिश :
राजस्थान में मौसम का यह विरोधाभास इसलिए खास है क्योंकि प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है, लेकिन पश्चिमी राजस्थान में बारिश अभी भी सीमित रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 12 से 15 सितंबर तक जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभागों में बारिश बढ़ सकती है। 13-14 सितंबर को कोटा संभाग में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में 13 से 15 सितंबर तक केवल कहीं-कहीं हल्की बारिश का अनुमान है।
बीकानेर में पारा फिर 40 पार :
शुक्रवार को बीकानेर में तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने के साथ पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर फिर तेज हुआ। शहरवार स्थिति में चूरू 39.2, श्रीगंगानगर 38.6, जोधपुर 38 और जैसलमेर 37 डिग्री के आसपास रहे। यानी मानसून की वापसी के बावजूद पश्चिमी राजस्थान में गर्मी पूरी तरह विदा नहीं हुई है।
हैरानी : बीकानेर में बारिश कम नहीं!
हालांकि बीकानेरवासी इस बार बादलों की बेरुखी और गर्मी के तीखे तेवर से परेशान है लेकिन मौसम विभाग के आंकड़ों से बात करें तो बीकानेर में बारिश कम नहीं हुई है। पूरे मानसून सीजन का आंकड़ा बीकानेर के लिए अलग तस्वीर दिखाता है। 10 सितंबर तक बीकानेर में 238.55 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश 224.03 मिमी है। यानी जिले में बारिश सामान्य से 6.48 प्रतिशत अधिक है। इसके बावजूद बीकानेर संभाग की औसत बारिश सामान्य से 6.47 प्रतिशत कम है। हनुमानगढ़ में बारिश 34.49 प्रतिशत और श्रीगंगानगर में 21.09 प्रतिशत कम रही है।
राजस्थान में 20.5 प्रतिशत बारिश की कमी :
राज्य की बड़ी तस्वीर बताती है कि इस मानसून सीजन में बारिश समान रूप से नहीं हुई। 1 जून से 10 सितंबर तक राजस्थान में वास्तविक बारिश 316.17 मिमी हुई, जबकि सामान्य बारिश 397.55 मिमी होनी चाहिए थी। प्रदेश में बारिश सामान्य से 20.5 प्रतिशत कम है। राज्य के 41 जिलों के बारिश वर्गीकरण में 3 जिले एक्सेस, 23 सामान्य, 14 डिफिसिट और एक जिला स्कैंटी श्रेणी में है।
जोधपुर, जैसलमेर में सबसे ज्यादा कमी :
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर संभाग में बारिश की कमी ज्यादा गंभीर है। 10 सितंबर तक संभाग में सामान्य 273.10 मिमी के मुकाबले 171.32 मिमी बारिश हुई है। यानी 37.27 प्रतिशत कमी। जैसलमेर में 52.66 प्रतिशत, जालोर में 53.80 प्रतिशत, जोधपुर में 26.05 प्रतिशत और पाली में 59.82 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है। इसके विपरीत भरतपुर संभाग में बारिश सामान्य से 4.56 प्रतिशत अधिक है। भरतपुर, डीग और धौलपुर में बारिश सामान्य से अधिक दर्ज की गई है।
देश में बारिश का कहर :

राजस्थान से बाहर मानसून का दूसरा चेहरा दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड में बादल फटने के बाद भूस्खलन से केदारनाथ का पैदल मार्ग बाधित हुआ है। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। बिहार में भी कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और बड़ी आबादी बाढ़ से प्रभावित है।

