दिल्ली - एनसीआर में अब लकड़ी जलाकर भी खाना बना सकेंगे, गैस के भारी संकट को देखते हुए अस्थायी छूट दी
RNE Network.
देश मे रसोई गैस की भारी किल्लत अब उभर के सामने आने लगी है। केंद्र सरकार के सभी दावे धराशायी हो रहे है। ईंधन के नियमों में बदलाव गैस की किल्लत की कहानी खुद कह रहा है।
पेट्रोलियम मंत्रालय व गैस कम्पनियों से बातचीत के बाद सीएक्यूएम ने पुराने आदेश में बदलाव कर दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी 12 मार्च को सभी राज्यों को ऐसे बैकल्पिक ईंधन की सलाह दी थी।
दिल्ली और एनसीआर में होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और उद्योगों को लकड़ी , डीजल या बायोगैस जलाने की अनुमति मिल गयी है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने गैस के भारी संकट को देखते हुए अस्थायी छूट दी है। इससे एलपीजी और प्राकृतिक गैस की कमी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
वैश्विक ऊर्जा संकट और केंद्र सरकार के नए प्राकृतिक गैस आपूर्ति आदेश - 2026 के कारण गैस की सप्लाई कम हो गयी है। होटल उद्योग बंद होने की कगार पर है। पेट्रोल मंत्रालय और गैस कम्पनियों से बातचीत के बाद पुराने आदेश में बदलाव कर दिया गया है।

