India Weather : कड़ाके की ठंड से कांपी दिल्ली, पारा 2.9 डिग्री, सीजन का सबसे ठंडा दिन
RNE New Delhi.
राजधानी दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को जकड़ लिया है। घना कोहरा, सर्द हवाएं और गिरता तापमान सामान्य जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। इस बीच 15 जनवरी को दिल्ली में इस मौसम का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। इस दिन न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की चेतावनी दी है।
शुक्रवार सुबह दिल्ली घने कोहरे की चपेट में रही, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, वहीं रेल और हवाई सेवाओं पर भी कोहरे का असर पड़ा। कई इलाकों में सुबह के समय दृश्यता शून्य के करीब दर्ज की गई।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 16 और 17 जनवरी तक शीत लहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है। वहीं राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी ठंड का प्रकोप तेज रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए शीत लहर से लेकर गंभीर शीत लहर तक की चेतावनी जारी की है।
उत्तर प्रदेश में भी ठंड ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। कुछ दिनों की धूप के बाद तापमान में फिर गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 19 और 20 जनवरी को बारिश की संभावना जताई है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है और लोगों को राहत मिलने की संभावना कम है।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 16 से 21 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। पहाड़ों पर बर्फबारी बढ़ने से मैदानी इलाकों में सर्द हवाएं और तेज होंगी, जिससे उत्तर भारत में ठंड का असर और गहराने की आशंका है।

भीषण ठंड और कोहरे के चलते आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सड़कों पर लोग अलाव का सहारा लेते दिखे, वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाएं।
हवाई सेवाएं प्रभावित :
राजधानी दिल्ली में घने कोहरे का असर हवाई यातायात पर भी देखने को मिला। शुक्रवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर घने कोहरे के कारण उड़ान संचालन प्रभावित रहा, जिससे कई उड़ानों के देरी से रवाना होने और पहुंचने की संभावना बनी हुई है।
अधिकारियों के अनुसार, कम दृश्यता के चलते हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन CAT-III प्रणाली के तहत किया जा रहा है। यह एक अत्याधुनिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) है, जो बेहद कम दृश्यता की स्थिति में भी विमानों को सुरक्षित लैंडिंग में सहायता करता है। इस प्रणाली के जरिए 50 से 200 मीटर तक की दृश्यता में भी विमान रनवे पर उतर सकते हैं।
हालांकि, CAT-III व्यवस्था होने के बावजूद घने कोहरे की वजह से उड़ानों के आगमन और प्रस्थान में देरी हो सकती है। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले अपनी संबंधित एयरलाइनों से संपर्क करें या हवाई अड्डे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उड़ानों की स्थिति की जानकारी प्राप्त करें।

