Kamal Hasan on SIR: लाखों जिंदा लोग कागजों में मर रहे, ये लोकतंत्र के लिए खतरा
Updated: Feb 4, 2026, 23:40 IST
RNE New Delhi.
फिल्म अभिनेता और तमिलनाडु से राज्यसभा सांसद कमल हासन ने बुधवार को राज्य सभा में अपने पहले भाषण में ही SIR पर तीखा और सधा हुआ हमला किया। कहा, लाखों लोग “कागज़ों में मृत” हो रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए कमल हासन ने कहा कि गलत वर्तनी और तकनीकी त्रुटियों के कारण लाखों नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे लोग “कागज़ों में मृत” हो रहे हैं। उन्हों ने बिहार में इस समस्या को गंभीर बताया, वहीं पश्चिम बंगाल में इसे लेकर कानूनी लड़ाई का ज़िक्र किया।
चेतावनीभरे स्वर में कहा, तमिलनाडु में भी लाखों मतदाताओं के प्रभावित होने का खतरा है। कमल हासन ने कहा कि वोट डालना लोकतंत्र का सबसे बुनियादी अधिकार है और इसे किसी भी तकनीकी भूल के कारण छीना नहीं जाना चाहिए।
कोई सरकार स्थायी नहीं :
कमल हासन ने कहा कि कोई भी सरकार स्थायी नहीं होती और लोकतंत्र को सत्ता से ऊपर रखा जाना चाहिए। अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए कमल हासन ने महात्मा गांधी, पेरियार और सी.एन. अन्नादुरई को अपनी वैचारिक प्रेरणा बताया। कहा, मैं मंच भय से नहीं, बल्कि स्मृतियों और विचारों के बोझ से कांप रहा हूं। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और सहयोगी दलों का आभार जताया और अपना भाषण तमिल भाषा में समाप्त किया।

