Rajasthan CS Shrinivas 02 दिन दिल्ली में, 17 मीटिंगें, क्या राजस्थान को दीपावली पर मिलेगा कुछ खास!
Rudra News Express Jaipur.
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास 2 एवं 3 नवंबर को नई दिल्ली के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे 17 से अधिक बैठकों में भाग लेकर राजस्थान की प्रमुख योजनाओं, विकास परियोजनाओं एवं प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विषय रखेंगे। CS श्रीनिवास का दो दिन लंबा दौरा और 17 मीटिंगें होना इस बात का संकेत है कि राजस्थान के लगभग सभी बड़े मुद्दों पर चर्चाएं होंगी। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि दिल्ली से दीपावली पर राजस्थान को कोई खास तोहफा मिल सकता है।
क्यों है खास डिरेगुलेशन एवं कंप्लायंस रिडक्शन :
श्रीनिवास की दो दिवसीय दौरे में विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं। वे 2 नवंबर को गृह कार्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति से मुलाकात करेंगे।
इन बैठकों में डिरेगुलेशन एवं कंप्लायंस रिडक्शन पर भी चर्चा होगी। इसके तहत नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा अनुपालन का बोझ कम करने से जुड़े सुधारों पर केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी।
दरअसल भारत सरकार ने सभी राज्यों के लिए कंप्लायंस रिडक्शन एण्ड डिरेगुलेशन (Compliance Burden Reduction and Deregulation) एक्सरसाइज प्रारंभ की। राजस्थान ने कंप्लायंस रिडक्शन एवं डिरेगुलेशन में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका निभाई। भारत सरकार द्वारा चिन्हित सभी 23 प्राथमिक क्षेत्रों में पूर्ण अनुपालन प्राप्त करने वाले अग्रणी राज्यों में राजस्थान सम्मिलित है। इन सुधारों को व्यवस्थित रूप से लागू किया गया है, जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सुदृढ़ करने वाला एक मजबूत एवं सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हुआ है।
इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा :
मुख्य सचिव जल जीवन मिशन, विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ‘वीबी–जी राम जी’, राजस्थान हाईवे मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट (आरएचएमपी), जयपुर मेट्रो तथा पीएम ई-बस सेवा से संबंधित विषयों पर केंद्रीय मंत्रालयों के साथ आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा करेंगे। इन बैठकों में प्रदेश की आवश्यकताओं तथा योजनाओं और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय पर जोर रहेगा। नीति आयोग के साथ मुख्य सचिवों के छठे राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों एवं संबंधित विषयों पर भी बैठक होगी। इसके अतिरिक्त, ऊर्जा क्षेत्र के सुधारों को लेकर बैठक प्रस्तावित है।

