Movie prime

Subhendu Adhikari PA Murder : फरार शार्प शूटर राजकुमार सिंह मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार, हाईवे पर घेराबंदी कर दबोचा

यूपी से तीसरी गिरफ्तारी, गाजीपुर में देर रात छापेमारी, कई संदिग्ध रडार पर

 

RNE Network, New Delhi/Kolkata

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में CBI और पश्चिम बंगाल पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में सोमवार रात उत्तर प्रदेश से तीसरी गिरफ्तारी की गई। बलिया निवासी शार्प शूटर राजकुमार सिंह को CBI ने मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया, जबकि गाजीपुर से भी एक युवक को हिरासत में लिए जाने की खबर है।

विडियो देखने के लिए फोटो पर क्लिक करे:

CBI सूत्रों के अनुसार आरोपी शार्प शूटर राजकुमार सिंह हरिद्वार से मुजफ्फरनगर की ओर आ रहा था। इसी दौरान एजेंसी को उसकी लोकेशन मिली। इसके बाद CBI ने मुजफ्फरनगर की छपार पुलिस के सहयोग से दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे स्थित टोल प्लाजा पर घेराबंदी की और आरोपी को धर दबोचा। अचानक हुई कार्रवाई से टोल प्लाजा पर कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार राजकुमार सिंह चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में शामिल गैंग का सक्रिय शार्प शूटर है।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से CBI उसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले गई। एजेंसी अब उससे पूछताछ कर हत्या की साजिश, फंडिंग और गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है।

इससे पहले 10 मई को बलिया के ही रहने वाले राज सिंह को अयोध्या से गिरफ्तार किया गया था। अब लगातार हो रही गिरफ्तारियों और छापेमारी से जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं।

चुनाव नतीजों के दो दिन बाद हुई थी हत्या : 

चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम आने के महज दो दिन बाद कर दी गई थी। उस समय वे शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी और निजी सहायक थे। हमलावरों ने उनकी कार को बीच रास्ते में रुकवाया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। रथ को सीने और पेट में तीन गोलियां लगी थीं। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील इस हत्याकांड के बाद मामला सुर्खियों में आ गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच बाद में CBI को सौंप दी गई।

विनय राय की तलाश : गाजीपुर में रातभर दबिश : 

इधर, पश्चिम बंगाल पुलिस ने यूपी पुलिस के सहयोग से गाजीपुर जिले के जमानियां क्षेत्र में रविवार देर रात बड़े पैमाने पर छापेमारी की। पुलिस टीम ने देवरिया और मतसा गांवों में एक साथ दबिश देकर कई घरों की घेराबंदी की। सूत्रों के अनुसार टीम विनय राय और संजय राय की तलाश में पहुंची थी, लेकिन दोनों फरार मिले। मतसा गांव में जब कुछ घरों के दरवाजे नहीं खुले तो पुलिस ने दीवार फांदकर तलाशी ली। हालांकि मुख्य आरोपियों का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। सूत्रों का दावा है कि एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल ले जाया गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कौन है विनय रॉय : 

देवरिया गांव निवासी विनय राय पर हत्या, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। वर्ष 2017 में नन्हकू यादव हत्याकांड और अरविंद यादव गोलीकांड में भी उसका नाम सामने आया था। वर्ष 2012 में दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर से अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तारी के बाद वह तिहाड़ जेल भी जा चुका है। इसके साथ मतसा गांव निवासी संजय राय की भूमिका भी इस हत्याकांड में संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस पहले भी उसके घर दबिश दे चुकी है, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा है।

FROM AROUND THE WEB