Bhajan La सरकार ने खोला सौगातों का पिटारा, कैबिनेट के कई बड़े फैसले
Rudra News Express Jaipur- Bikaner.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्थानवासियों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने पर्यावरण संरक्षण से लेकर ग्रामीण जलापूर्ति, कर्मचारियों की पदोन्नति, दिव्यांग कर्मचारियों के अधिकार, शहीद परिवारों की अनुकंपा नियुक्ति और युवाओं के लिए भर्ती के रास्ते खोलने तक कई बड़े निर्णय किए।
खेजड़ी समेत 29 प्रजातियों के पेड़ों की सुरक्षा के लिए बनेगा कानून :
राज्य सरकार विधानसभा के आगामी सत्र में द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026 पेश करेगी। इसमें खेजड़ी, रोहिड़ा, बरगद, पीपल, लसोड़ा, तेंदू, महुआ, कैर और चिरोंजी सहित 29 महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण का प्रावधान है। गैर वन भूमि पर बिना अनुमति पेड़ काटने पर एक साल तक की जेल या एक लाख रुपए तक जुर्माने अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है।
राजस्थान में समान नागरिक संहिता का रास्ता साफ :
कैबिनेट ने राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल-2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इसे आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। प्रस्तावित कानून विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े कानूनों को एक समान और व्यवस्थित स्वरूप देगा। अनुसूचित जनजातियों तथा संविधान के तहत संरक्षित पारंपरिक अधिकारों वाले वर्गों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
प्रस्तावित प्रावधानों के तहत नए विवाहों का 60 दिनों के भीतर पंजीकरण जरूरी होगा। पुत्र और पुत्री को उत्तराधिकार में समान अधिकार देने का भी प्रावधान है।
गांवों में नल से पानी की व्यवस्था होगी और मजबूत :
ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित, स्वच्छ और टिकाऊ पेयजल आपूर्ति के लिए संचालन एवं संधारण नीति को मंजूरी दी गई है। इसमें जल जीवन मिशन 2.0 के दिशा-निर्देशों को शामिल किया गया है। ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और निगरानी का संस्थागत ढांचा तैयार किया जाएगा।
1971 के युद्ध के 35 शहीद परिवारों को मिलेगा अनुकंपा नियुक्ति का हक :
कैबिनेट ने 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान घायल होने के बाद 1 जनवरी से 31 अक्टूबर 1972 के बीच वीरगति पाने वाले 35 सैनिकों को भी बैटल कैजुअल्टी घोषित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का रास्ता साफ हुआ है।
सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन में 2 साल की छूट :
वर्ष 2026-27 में पदोन्नति के लिए पात्र कर्मचारियों को अनुभव में 2 वर्ष की सशर्त छूट दी जाएगी। यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जिन्हें 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में यह लाभ नहीं मिला था। इससे अनुभव की कमी के कारण खाली रह जाने वाले पदों को भरने में मदद मिलेगी।
दिव्यांग कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी :
दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में 4 प्रतिशत आरक्षण के तहत 30 जून 2016 से नोशनल बेनेफिट देने के लिए राजस्थान दिव्यांगजन अधिकार (संशोधन) नियम-2026 को मंजूरी दी गई है।
मृत सरकारी कर्मचारी की पुत्रवधू भी अनुकंपा नियुक्ति की पात्र :
अब मृत सरकारी कर्मचारी के पात्र आश्रितों में पुत्रवधू को भी शामिल किया जाएगा। इससे पात्र पुत्रवधू को अनुकंपा नियुक्ति मिल सकेगी और परिवार के भरण-पोषण में मदद मिलेगी।
कर्मचारियों को प्रशिक्षण के बाद नौकरी छोड़ने पर राहत :
राजपत्रित पद पर नियुक्ति के बाद प्रशिक्षण के दौरान या प्रशिक्षण समाप्ति के दो साल के भीतर पद छोड़ने पर अब केवल प्रशिक्षण खर्च की वसूली होगी, वेतन-भत्तों की नहीं। वहीं सरकारी विभाग या उपक्रम में नई नियुक्ति मिलने पर प्रशिक्षण के दौरान मिले वेतन-भत्ते और प्रशिक्षण खर्च की वसूली नहीं होगी।
महिला कर्मचारियों को भी राहत :
एकल महिला राज्य कर्मचारियों की चाइल्ड केयर लीव अब एक कैलेंडर वर्ष में 3 के बजाय 6 चरणों में स्वीकृत की जा सकेगी। सरोगेसी के मामलों में सरोगेट मदर को 180 दिन और कमीशनिंग मदर को 90 दिन का मातृत्व अवकाश देने का प्रावधान किया गया है।
युवाओं के लिए 470 वार्डन पदों पर भर्ती का रास्ता साफ :
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में वार्डन भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। छात्रावास अधीक्षक महिला ग्रेड-2 के 254 पद सहित कुल 470 पद राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा समान पात्रता परीक्षा के माध्यम से भरे जा सकेंगे।
बीकानेर के पूगल में सोलर प्रोजेक्ट के लिए 228 हेक्टेयर जमीन :
सरकार ने अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन को भी मंजूरी दी है। इनमें बीकानेर जिले की पूगल तहसील के ग्राम बरजू में करीब 228 हेक्टेयर भूमि सौर ऊर्जा परियोजना के लिए आवंटित करने का प्रस्ताव शामिल है। जैसलमेर और बाड़मेर में भी सौर एवं सोलर-विंड हाइब्रिड परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है।
जैसलमेर के 21 प्रभावित काश्तकारों को मिलेगी जमीन :
एस्केप जलाशय निर्माण से प्रभावित जैसलमेर के 21 गैर-खातेदार काश्तकारों को उसी गांव में भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। वर्ष 1999 में एस्केप चैनल निर्माण के लिए इन काश्तकारों की करीब 722 बीघा भूमि ली गई थी। अब पुनर्वास का रास्ता साफ किया गया है।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पर्यावरण, पानी, कर्मचारी कल्याण, महिला हित, शहीद परिवारों, भर्ती और अक्षय ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों से जुड़े फैसले लिए गए हैं।

