भाजपा अध्यक्ष चयन में आरएसएस की भूमिका पर भागवत का बड़ा बयान
RNE Network.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के मौके पर आयोजित 3 दिवसीय व्यख्यानमाला के अंतिम दिन संघ प्रमुख मोहन भागवत ने प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान भाजपा अध्यक्ष के चयन में आरएसएस की भूमिका पर बोलते हुए बड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा कि मैं शाखा चलाने में माहिर हूं, भाजपा सरकार चलाने में माहिर है, हम एक दूसरे को सिर्फ सुझाव दे सकते है। भागवत ने आगे कहा कि हम फैसला नहीं करते, अगर हमें फैसला करना होता तो क्या इसमें इतना समय लगता।
इस दौरान भाजपा और आरएसएस के बीच मतभेद के सवाल पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि मतभेद के कोई मुद्दे नहीं होते। हमारे यहां मतभेद के विचार कुछ हो सकते है लेकिन मनभेद बिल्कुल नहीं। एक दूसरे पर विश्वास है। क्या भाजपा सरकाए में सब कुछ आरएसएस तय करता है, तब उन्होंने कहा ये पूर्णतः गलत बात है। ये हो ही नहीं सकता क्योंकि लक्ष्य वही है, जो हमारे देश की भलाई है।
अन्य दलों का साथ न देने की वजह:
आगे जब मोहन भागवत से पूछा गया कि भाजपा के अलावा अन्य राजनीतिक दलों का संघ साथ क्यों नहीं देता ? इस सवाल के जवाब में आरएसएस प्रमुख भागवत ने कहा कि अच्छे काम के लिए जो हमसे सहायता मांगते है, हम उन्हें सहायता देते है। हम सहायता देने जाते है तो जो दूर भागते है, उन्हें सहायता नहीं मिलती तो हम क्या करें।
लेकिन कभी कभी देश चलाने के लिए या पार्टी का कोई काम चलाने के लिए अगर वो अच्छा है तो हमारे स्वयंसेवक जाकर मदद करते है, हमें कोई परहेज नहीं है। हमारी तरफ से कोई रुकावट नहीं है। उधर से कोई रुकावट है तो हम उनकी ईच्छा का सम्मान करके रुक जाते है