बीकानेर उप महापौर चुनाव के नतीजे से कांग्रेस में गुथमगुथा : मुस्लिम पंचायत में आक्रोश, बी डी कला ने वीडियो जारी किया, तनवीर ने मोर्चा खोला
बीकानेर : कांग्रेस में उप महापौर चुनाव की गद्दारी पर घमासान!
जानिए कौनसी तीन मांगें रखी कांग्रेस पार्षदों ने जो पूरी होने के बावजूद क्रॉस वोटिंग!
Rudra News Express Bikaner.
माहपौर चुनाव में 50 वोट लेकर जीती कांग्रेस की उप महापौर चुनाव में हुई हार अब पार्टी और खासतौर पर पूर्व मंत्री बी. डी. कल्ला के लिए बड़ी फजीहत का कारण बन गई है। "मुसलमानों के साथ अन्याय" मुद्दा बना है और इस पर कांग्रेस के भीतर ही जहां जमकर हल्ला बोला जा रहा है वहीं कांग्रेस के विरोधी और भाजपा के नेता के भी इस मामले पर मुस्लिमों को उकसाने वाले बयान जारी कर रहे है। सोशल मीडिया पोस्ट लगा रहे हैं।

आधी रात तक जुटी मुस्लिम पंचायत में हजारों लोग जुटे। इनमें उप महापौर चुनाव में गद्दारी को लेकर आक्रोश था। कांग्रेस नेता शब्बीर अहमद सहित मौजीज लोगों ने चुनाव में अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। सवाल उठा कि जब कांग्रेस 42 पार्षदों के साथ पूर्ण बहुमत में है। मेयर चुनाव में 50 वोट कांग्रेस को मिले। फिर डिप्टी मेयर चुनाव में यह आंकड़ा घटकर 38 पर कैसे आया और 27 पार्षदों वाली बीजेपी को 40 वोट कैसे मिले। हालांकि इस मीटिंग में समुदाय के पार्षदों में से भी क्रॉस वोटिंग की बात उठी। गौरतलब है कि 80 सीटों वाले बीकानेर नगर निगम में मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय के 13 पार्षद है।

मामला इतना गरमा गया है कि पूर्व मंत्री डॉक्टर बी डी कल्ला ने वीडियो जारी कर पूरे मामले में न केवल सफाई दी है वरन कांग्रेस के गद्दारों को "ब्लैकशीप" कहा है। कल्ला बोले-हमने पूरी रात बाड़ेबंदी में जागकर उप महापौर चुनाव जीतने के प्रयास किए। पार्षदों ने तीन मांगें रखी। तीनों पूरी की। इसके बावजूद गद्दारी हुई है। इसकी जांच और कार्रवाई होगी। (देखें बी डी कल्ला का वीडियो बयान)

पूर्व, मुस्लिम और महिला ये तीन मांगें :
डॉक्टर बी डी कल्ला ने कहा है कि उन्होंने और पार्टी के नेताओं ने मिलकर हर हाल में उप महापौर चुनाव जीतने के प्रयास किया। पार्षदों ने तीन मांगें रखी थी। इसमें पहली थी कि उप महापौर पद का प्रत्याशी बीकानेर पूर्व विधानभा क्षेत्र का होना चाहिए। दूसरी मांग थी कि वह मुस्लिम अल्पसंख्यक होना चाहिए और तीसरी बात उठी कि महिला को प्रतिनिधित्व मिले।
02 वोट जान-बूझकर खराब किए :
कल्ला ने कहा, नसीम बानो का नाम इन्ही तीन मुद्दों को ध्यान में रखते हुए तय हुआ। इस पर सहमति भी बनी। इसके बावजूद पार्टी में क्रॉस वोटिंग हुई है। हमारे दो वोट तो जानबूझकर खराब किया गए हैं। इनमें एक नोटा पर दिया गया। एक वोटर ने पार्टी प्रत्याशी के नाम और सिंबल के पास बॉर्डर लाइन पर मुहर लगाई गई। ऐसा करने वाले लोग "ब्लैकशीप" होते हैं। उन्हें माफी नहीं मिलेगी। सबके चेहरे सामने आएंगे। जांच होगी, कार्रवाई की जाएगी।

तनवीर मालावत का तंज :
दूसरी और कांग्रेस के अल्पसंख्यक नेता और पूर्व विधानसभा से चुनाव लड़ चुके डॉक्टर तनवीर मालावत सहित कई नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए पार्टी और खासतौर पर बी डी कल्ला के खिलाफ मोर्चा खोला है। तनवीर ने लिखा है कि "उप महापौर में हार का मतलब कांग्रेस ने विश्वास खो दिया। महापौर को इस्तीफा दे देना चाहिए।" उन्होंने उप महापौर चुनाव की "क्रोनोलॉजी" भी अपने अंदाज में बताई।

इन सबके बीच कांग्रेस नेता और उप महापौर के प्रत्याशी बनाई गई नसीम बानो के ससुर गुलाम मुस्तफा "बाबू भाई" ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा को पत्र लिखा है। इसमें कांग्रेस की रीति-नीति के विपरीत हालात का जिक्र करते हुए इस्तीफा देने की पेशकश है। कुल मिलाकर महापौर में जीत के बाद उप महापौर चुनाव की हार कांग्रेस के लिए बड़ी फजीहत का कारण बन गई है। इस हार से जहां काफी लोगों में स्वाभाविक आक्रोश है वहीं इस मौके को कई सियासी दांव-पेंच चलने में भी उपयोग किया जा रहा है। यही वजह है कि सरकार की पूरी ताकत और चुनाव में बने विपरीत हालात के बावजूद मेयर जीतने वाली कांग्रेस अपनी खुशी खुलकर नहीं मना पा रही है।

