Bikaner Nagar Nigam Chunav : 80 वार्डों में 373 प्रत्याशियों की किस्मत 4.82 लाख मतदाताओं के हाथ, एक वार्ड में निर्विरोध जीत, 19 में चार-चार प्रत्याशियों के बीच मुकाबला
Rudra News Express Bikaner.
बीकानेर नगर निगम चुनाव का प्रचार सोमवार शाम थम गया। पिछले कई दिनों से नारों, सभाओं, जनसंपर्क और रोड शो से गूंज रही शहर की गलियां अब अचानक शांत हैं। लेकिन चुनावी शोर थमने के साथ ही असली परीक्षा का दौर शुरू हो गया है। अब न बड़े मंच होंगे, न लाउडस्पीकर। अब प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की कोशिश घर-घर, मोहल्ले-मोहल्ले और मतदाता की व्यक्तिगत पसंद तक पहुंचने की होगी। पर्चियां लेकर अंतिम अपील का दौर शुरू हो चुका है।
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में 9 सितम्बर को मतदान होगा। लगभग 4 लाख 82 हजार 121 मतदाता अपने वार्ड के पार्षद का फैसला करेंगे। मतदान के लिए निगम क्षेत्र में 420 मतदान केंद्र और 31 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
नाम वापसी के बाद चुनावी तस्वीर भी काफी हद तक साफ हो चुकी है। कुल 373 प्रत्याशी मैदान में हैं। वार्ड 69 में भाजपा की लीला गहलोत निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी हैं, लिहाजा यहां मतदान की जरूरत नहीं होगी।
08 वार्डों में सीधी टक्कर, 02 नंबर में 15 प्रत्याशी:
80 वार्डों में मुकाबले का रंग एक जैसा नहीं है। 8 वार्डों में दो-दो प्रत्याशी, 14 वार्डों में तीन-तीन और 19 वार्डों में चार-चार प्रत्याशी मैदान में हैं। 17 वार्डों में पांच, आठ वार्डों में छह, सात वार्डों में सात और चार वार्डों में आठ-आठ प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। वार्ड 8 में नौ प्रत्याशी हैं, जबकि वार्ड 2 में सर्वाधिक 15 प्रत्याशी मैदान में हैं। यानी कई वार्डों में मुकाबला सीधे भाजपा-कांग्रेस के बीच है तो अनेक वार्डों में बागी, निर्दलीय और छोटे दलों के प्रत्याशी समीकरण उलझा रहे हैं। खासकर उन वार्डों में जहां प्रत्याशियों की संख्या ज्यादा है, वहां वोटों का बिखराव परिणाम का रुख बदल सकता है।
अब प्रत्याशी नहीं, संगठन और व्यक्तिगत नेटवर्क की परीक्षा :
प्रचार थमने के बाद अब राजनीतिक दलों की रणनीति का दूसरा चरण शुरू होगा। बूथवार कार्यकर्ताओं की सक्रियता, समर्थकों की सूची, मतदाता पर्चियों का वितरण और मतदान के दिन मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाने की व्यवस्था पर जोर रहेगा। सार्वजनिक प्रचार भले रुक गया हो, लेकिन प्रत्याशियों का *व्यक्तिगत संपर्क और घर-घर की चुपचाप राजनीति* अब निर्णायक हो सकती है।
इस चुनाव में कई वार्डों में टिकट वितरण से उपजे असंतोष और निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी ने भी मुकाबले को रोचक बनाया है। इसलिए अंतिम परिणाम सिर्फ पार्टी के चुनाव चिह्न से तय होंगे या स्थानीय समीकरण बाजी पलटेंगे, इसका फैसला 9 सितम्बर को मतपेटी में बंद होगा।
प्रशासन ने भी कसी कमर :
उधर प्रशासन ने मतदान की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जिला निर्वाचन अधिकारी निशान्त जैन और पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने सोमवार को राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचकर मतदान दलों की रवानगी व्यवस्था का जायजा लिया।
पहले चरण के तहत बीकानेर नगर निगम के लिए मंगलवार को मतदान दल रवाना होंगे। **448 मतदान दलों में पीठासीन अधिकारी सहित चार-चार मतदान कार्मिक होंगे। मतदान 9 सितम्बर को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक होगा।
मतदान सामग्री, ईवीएम वितरण, परिवहन, कार्मिकों की बैठक व्यवस्था और पेयजल सहित रवानगी स्थल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। प्रशासन ने मतदान दलों के प्रशिक्षण और रवानगी की प्रक्रिया को निर्बाध बनाने के निर्देश दिए हैं।
अब फैसला मतदाता के हाथ :
एक ओर प्रशासन मतदान की तैयारी में जुटा है, दूसरी ओर प्रत्याशियों के सामने प्रचार के बाद का सबसे संवेदनशील चरण है। अब सार्वजनिक मंच की जगह व्यक्तिगत रिश्ते, स्थानीय मुद्दे, वार्ड की समस्याएं और अंतिम समय की अपील अहम होगी। शहर ने चुनावी भाषण और प्रचार का शोर सुन लिया। अब बारी मतदाता की है। 09 सितम्बर को ईवीएम का बटन दबेगा और 80 वार्डों में से 79 वार्डों के भावी पार्षदों की तस्वीर तय होगी।

